FIFA World Cup 2026: दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल महाकुंभ यानी फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज बेहद शानदार और भव्य अंदाज में हो चुका है। पहले दिन के उद्घाटन समारोह और शुरुआती मुकाबलों के रोमांच के बाद, अब दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की नजरें टूर्नामेंट के दूसरे दिन खेले जाने वाले हाई-प्रोफाइल मैचों पर टिकी हुई हैं। आज यानी 12 जून 2026 को होने वाले इन मुकाबलों में इस मेगा टूर्नामेंट के दो सह-मेजबान देश, कनाडा और अमेरिका (USA), पहली बार मैदान पर कदम रखेंगे और अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत करेंगे।

जहाँ एक तरफ कनाडा का मुकाबला यूरोपीय टीम बोस्निया और हर्जेगोविना से होने जा रहा है, वहीं दिन के दूसरे बड़े मैच में संयुक्त राज्य अमेरिका का सामना पराग्वे से होगा। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका और पराग्वे की टीमें पूरे 96 साल के लंबे अंतराल के बाद वर्ल्ड कप के इतिहास में एक-दूसरे के आमने-सामने होने जा रही हैं।

टोरंटो में रचा जाएगा इतिहास
कनाडा के फुटबॉल इतिहास के पन्नों में 12 जून का यह दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। यह पहला मौका होगा जब कनाडा अपनी धरती पर किसी फीफा वर्ल्ड कप मैच की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। टोरंटो के प्रतिष्ठित स्टेडियम में खेले जाने वाले इस ऐतिहासिक मुकाबले में घरेलू टीम कनाडा का सामना बोस्निया और हर्जेगोविना से होगा।
बोस्निया की टीम को कम आंकना कनाडा के लिए भारी भूल साबित हो सकती है, क्योंकि वे क्वालिफायर के प्ले-ऑफ दौर में चार बार की चैंपियन इटली जैसी दिग्गज टीम को शिकस्त देकर वर्ल्ड कप का टिकट हासिल करने में कामयाब रहे हैं। इस कड़े मुकाबले में कनाडा को अपने घरेलू दर्शकों का भारी समर्थन मिलेगा और टीम जीत के साथ अपने सफर का आगाज करना चाहेगी। स्थानीय समयानुसार यह मैच दोपहर 3:00 बजे शुरू होगा, जबकि भारतीय समय के मुताबिक (IST) फैंस इसे 13 जून की रात 12:30 बजे से देख सकेंगे।
लॉस एंजिल्स में महामुकाबला
टूर्नामेंट के दूसरे दिन का दूसरा सबसे बड़ा और कड़ा मुकाबला लॉस एंजिल्स स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस मैच में मेजबान अमेरिका का सामना दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप (CONMEBOL) की बेहद आक्रामक टीम पराग्वे से होने वाला है। दिग्गज हेड कोच मौरिसियो पोचेटिनो के मार्गदर्शन में अमेरिकी टीम अपनी सरजमीं पर हर हाल में जीत दर्ज कर पूरे अंक हासिल करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। दूसरी ओर, पराग्वे की टीम भी पूरी तरह से तैयार है; उन्होंने विश्व कप क्वालिफायर मैचों में अर्जेंटीना और ब्राजील जैसी दुनिया की नंबर वन टीमों को हराकर अपने खतरनाक इरादे पहले ही साफ कर दिए हैं।
अगर दोनों टीमों के पिछले आंकड़ों (हेड-टू-हेड रिकॉर्ड) पर नजर डालें, तो यूएसए और पराग्वे के बीच अब तक कुल 9 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गए हैं। इनमें से यूएसए ने 5 मैचों में जीत का परचम लहराया है, जबकि पराग्वे केवल 2 मैच जीतने में सफल रहा है, और बाकी बचे 2 मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं। लॉस एंजिल्स में यह मैच शाम 6:00 बजे खेला जाएगा, जिसे भारतीय समयानुसार 13 जून की सुबह 6:30 बजे से लाइव देखा जा सकता है।
मैक्सिको की जीत से बढ़ा दबाव
इस महाद्वीप में फुटबॉल का खुमार अपने चरम पर है, क्योंकि तीनों सह-मेजबान देशों पर अपने घरेलू मैदानों और फैंस के सामने बेहतरीन प्रदर्शन करने का एक मनोवैज्ञानिक दबाव भी है। फुटबॉल विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि शुरुआती दो दिनों के प्रदर्शन से ही यह तय हो जाएगा कि इस बार खिताब की मुख्य दावेदार टीमों की जमीनी तैयारी कैसी है। टूर्नामेंट के पहले दिन एक अन्य सह-मेजबान देश मैक्सिको ने शानदार जीत दर्ज कर पहले ही ग्रुप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। अब खेल जगत में उत्सुकता इस बात को लेकर है कि क्या मैक्सिको की राह पर चलते हुए बाकी के दोनों मेजबान देश, यानी कनाडा और अमेरिका भी दूसरे दिन अपनी जीत का परचम लहराकर घरेलू फैंस को जश्न मनाने का मौका दे पाएंगे या नहीं।











