Share Market Today : घरेलू शेयर बाजार के लिए हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार बेहद शानदार साबित हुआ है। भारतीय शेयर मार्केट आज के सत्र में गजब की तेजी और जबरदस्त उत्साह के साथ खुले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के संवेदनशील मसले पर अचानक लिए गए यू-टर्न के बाद वैश्विक स्तर पर निवेशकों का हौसला बढ़ा है।

इसी पॉजिटिव सेंटिमेंट के बीच भारतीय निवेशकों ने बाजार खुलते ही पहले मिनट से ही चौतरफा खरीदारी का माहौल बना दिया। इस भारी लिवाली के परिणामस्वरूप बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 950 अंकों की बंपर तेजी के साथ 74,788 के ऐतिहासिक स्तर पर खुला। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी पीछे नहीं रहा और वह 260 अंकों की बड़ी उछाल दर्ज करते हुए 23,428 के मजबूत स्तर पर ओपन हुआ।

आईटी और बैंकिंग सेक्टर्स ने दिखाया दम
बाजार की इस तेजी को सबसे बड़ा सहारा आईटी, फार्मा और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों से मिला। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में कमाल की तेजी देखी गई, जिससे निवेशकों को बड़ा मुनाफा हुआ। आज के सबसे मजबूत और मुनाफे वाले शेयरों की बात करें तो इसमें लार्सन एंड टुब्रो (L&T), ट्रेंट, इटरनल, इंडिगो और बजाज फाइनेंस के नाम प्रमुखता से शामिल रहे। इन सभी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में देखते ही देखते 2 से 3 फीसदी तक की भारी ग्रोथ दर्ज की गई।
इसके अलावा, वैश्विक बाजारों से आई इस सकारात्मक खबर के चलते बैंकिंग सेक्टर के शेयरों ने भी उम्मीद के मुताबिक कमाल का प्रदर्शन किया। चाहे निजी क्षेत्र का दिग्गज एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) हो, आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) हो, या फिर देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक एसबीआई (SBI), सभी ने बाजार को ऊपर ले जाने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। मार्केट की इस धमाकेदार और चौतरफा शुरुआत से एक बात पूरी तरह साफ हो गई है कि बाजार के ज्यादातर सेक्टर्स आज हरे निशान में मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका का यू-टर्न
अगर आज भारतीय शेयर बाजार में आई इस अप्रत्याशित और बंपर तेजी के पीछे की मुख्य वजह को तलाशें, तो इसका सीधा संबंध अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ता है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बड़ा बयान गेमचेंजर साबित हुआ है, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ जारी तीन महीने पुराने युद्ध के आधिकारिक तौर पर खत्म होने की बात कही थी। ट्रंप के इस यू-टर्न वाले बयान के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आई और वैश्विक निवेशकों का खोया हुआ भरोसा शेयर बाजार पर फिर से लौट आया। दूसरी तरफ, अमेरिकी बाजारों में भी गुरुवार को स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिला था, जिसका सीधा और सकारात्मक असर आज भारतीय शेयर बाजार के सेंटिमेंट पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी बाजारों में शानदार क्लोजिंग
अगर वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बाजारों के पिछले सत्र के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो गुरुवार का दिन वहां के निवेशकों के लिए काफी फायदेमंद रहा। अमेरिकी सूचकांक डाउ जोन्स (Dow Jones) 1.86% की मजबूती के साथ बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी 500 (S&P 500) इंडेक्स में भी 1.75% की शानदार तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा, टेक आधारित शेयरों वाले सूचकांक नैस्डैक (Nasdaq) में सबसे बड़ी बढ़त देखी गई और वह 2.5% उछलकर बंद होने में कामयाब रहा। यह राहत की बात इसलिए भी है क्योंकि इसके ठीक एक दिन पहले यानी बुधवार को अमेरिकी बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव और उठा-पटक का दौर देखने को मिल रहा था, जिससे दुनिया भर के बाजार सहमे हुए थे।
एशियाई बाजारों में भी छाई हरियाली
मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और शांति की उम्मीदें बढ़ने का सीधा सकारात्मक असर केवल अमेरिका या भारत पर ही नहीं, बल्कि पूरे एशियाई शेयर बाजारों पर भी व्यापक रूप से दिखाई दिया। एशियाई बाजारों में जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) आज 3% से ज्यादा की भारी तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया। इसके साथ ही, हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng) इंडेक्स भी 1.5% ऊपर चढ़कर बंद हुआ। वहीं, चीन का शंघाई कंपोजिट (Shanghai Composite) भी 1% की बढ़त हासिल करने में सफल रहा। कुल मिलाकर, भारतीय शेयर बाजार के साथ-साथ तमाम ग्लोबल मार्केट्स पिछले कारोबारी दिन (बुधवार) के मुकाबले गुरुवार और शुक्रवार को कहीं अधिक स्थिर, मजबूत और सुरक्षित नजर आ रहे हैं, जिससे लंबी मंदी की आशंका फिलहाल टल गई है।
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