Food Cravings: अक्सर हम सभी को अपने दिन-प्रतिदिन के जीवन में अचानक से कुछ मीठा, चॉकलेट, या फिर चटपटी और सॉल्टी चीजें खाने की तेज क्रेविंग्स होने लगती हैं। यह बात हम अच्छी तरह जानते और समझते हैं कि जरूरत से ज्यादा मीठा या पैक्ड फूड्स हमारी सेहत के लिए बेहद हानिकारक हो सकते हैं, इसके बावजूद हम अपनी इन क्रेविंग्स को तुरंत शांत करने के लिए उनका सेवन कर बैठते हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि जब भी आपको इस तरह की चीजों को खाने का तीव्र मन करता है, तो उसके पीछे की असली वजह क्या होती है? दरअसल, इस स्थिति में आपका शरीर किसी खास पोषक तत्व की कमी को पूरा करने के लिए आपसे मांग कर रहा होता है।

मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए इस बात पर विस्तार से प्रकाश डाला है कि हमें रोजाना होने वाली इन अजीबोगरीब क्रेविंग्स को आखिर कैसे समझ चाहिए। उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में समझाया है कि क्रेविंग्स और कुछ नहीं बल्कि हमारे शरीर का बेहतर न्यूट्रिएंट्स और पोषक तत्व मांगने का एक प्राकृतिक तरीका होता है। बस हमें जरूरत है तो थोड़ी सी समझदारी दिखाने की ताकि हम अपने शरीर की इन संकेतों को सही ढंग से सुन सकें और उसे वही आहार दे सकें जिसकी उसे इस समय असल में सबसे ज्यादा जरूरत है।

चॉकलेट खाने की इच्छा के पीछे छिपी मैग्नीशियम की कमी
यदि आपको अचानक से बार-बार चॉकलेट खाने का मन करता है, तो इसका सीधा सा यह अर्थ हो सकता है कि आपके शरीर को उस वक्त मैग्नीशियम की सख्त जरूरत है। शरीर में मैग्नीशियम की कमी को प्राकृतिक रूप से पूरा करने के लिए आपको बाजार की मीठी चॉकलेट खाने के बजाय काजू, कद्दू के बीज, हरी पालक और विभिन्न प्रकार की बीन्स का सेवन करना चाहिए। हालांकि, यह बात सही है कि चॉकलेट में भी थोड़ी मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है, लेकिन इसके साथ ही उसमें रिफाइंड शुगर और अनहेल्दी फैट की मात्रा भी बहुत अधिक होती है, जो स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए, जब भी मैग्नीशियम की कमी महसूस हो, तो चॉकलेट खाने के बजाय स्वस्थ विकल्पों को चुनना ही बुद्धिमानी है।
मिठाई की क्रेविंग होने पर शरीर को होती है प्रोटीन की जरूरत
न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा के अनुसार, यदि दिनभर में कभी भी अचानक आपको अत्यधिक मिठाई खाने की क्रेविंग हो रही है, तो इसका स्पष्ट मतलब यह है कि आपके शरीर में प्रोटीन की कमी हो रही है और उसे तुरंत प्रोटीन की आवश्यकता है। ऐसे समय में अपनी इस लालसा को शांत करने के लिए और शरीर को पोषण देने के लिए आप दही, भुना हुआ चना, हेल्दी प्रोटीन शेक या फिर अंडों का सेवन कर सकते हैं। यह सभी विकल्प आपके शरीर को पर्याप्त प्रोटीन प्रदान करते हैं और आपको अनहेल्दी मीठी चीजों से दूर रखते हैं।
सॉल्टी फूड्स की क्रेविंग दर्शाती है इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी
अगर आपका मन चिप्स, नमकीन या अन्य किसी भी तरह के सॉल्टी फूड्स खाने के लिए मचल रहा है, तो इसका संकेत यह है कि आपके शरीर को उस समय इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत है। इस कमी को दूर करने के लिए आप छाछ, ताजा नारियल पानी, भुना हुआ मखाना या फिर नींबू पानी का सेवन कर सकते हैं, जो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में बेहद मददगार साबित होते हैं।

ब्रेड, पेस्ट्री या रिफाइंड कार्ब्स खाने का कारण और सही उपाय
यदि आपका मन बार-बार ब्रेड, पेस्ट्री या रिफाइंड कार्ब्स खाने का कर रहा है, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आपके शरीर को तुरंत ऊर्जा यानी एनर्जी की आवश्यकता है। ऐसे में तुरंत पच जाने वाले सिंपल कार्ब्स के बजाय आपको फल, शकरकंद, चावल या ओट्स जैसे स्वस्थ विकल्पों का सेवन करना चाहिए। कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स लेने से शरीर को धीरे-धीरे लगातार एनर्जी मिलती है, जिससे आपका पेट घंटों तक भरा रहता है और आपको बार-बार भूख नहीं लगती है। इसलिए अगली बार क्रेविंग होने पर अपने शरीर को सही पोषण दें।
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