Nankiram Kanwar Protest: छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर शनिवार को अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने जा रहे हैं। उनकी मांग है कि कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत को तुरंत हटाया जाए। कंवर ने इससे पहले 14 बिंदुओं में कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने के लिए सरकार को पत्र लिखा था, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर अब वे सड़कों पर उतर रहे हैं। पूर्व गृहमंत्री शुक्रवार को ट्रेन से रायपुर रवाना हो चुके हैं और उन्होंने स्पष्ट किया है कि जहां भी उन्हें प्रशासन से धरने की अनुमति मिलेगी, वे वहीं प्रदर्शन करेंगे। कंवर का दावा है कि उनके इस आंदोलन में सैकड़ों से लेकर पांच हजार तक लोग शामिल हो सकते हैं। जांच से नहीं हैं संतुष्ट ननकीराम कंवर ने बताया कि सरकार ने उनके शिकायती पत्र पर बिलासपुर कमिश्नर सुनील जैन से जांच प्रतिवेदन मांगा है, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि यह केवल औपचारिकता है और प्रशासनिक लापरवाही को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, “मैं पहले भी कई बार भ्रष्टाचार और प्रशासनिक गड़बड़ियों की जानकारी सरकार को दे चुका हूं, लेकिन न कोई जवाब मिला और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। अब मजबूरन मुझे धरने का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।” अपनी ही पार्टी पर निशाना पूर्व गृहमंत्री ने भाजपा संगठन और सरकार दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कोरबा कलेक्टर के खिलाफ पत्र लिखने के बाद न तो सरकार के किसी मंत्री और न ही पार्टी संगठन के किसी वरिष्ठ नेता ने उनसे संपर्क किया। कंवर ने दावा किया कि पार्टी के एक नेता की वजह से वे विधानसभा चुनाव भी हार गए। हालांकि उन्होंने उस नेता का नाम उजागर नहीं किया, लेकिन संकेत दिए कि संगठन के भीतर गुटबाजी का माहौल है। केन्द्र सरकार की योजनाओं पर सवाल ननकीराम कंवर ने राज्य की साय सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की एक भी योजना ठीक से जमीन पर लागू नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल फाइलों में योजनाएं चला रही है, लेकिन जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा। क्या है आगे की रणनीति? कंवर का कहना है कि अगर सरकार फिर भी कार्रवाई नहीं करती तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ कलेक्टर के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की विफलता के खिलाफ है।छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के भीतर गहराता असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। ननकीराम कंवर का धरना न सिर्फ प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि पार्टी के आंतरिक मतभेदों की ओर भी इशारा करता है। देखना होगा कि सरकार इस विरोध को कैसे संभालती है। Read More : Coldrief Cough Syrup: कोल्ड्रिफ कफ सिरप में ज़हरीले केमिकल की पुष्टि: 9 बच्चों की मौत के बाद तमिलनाडु सरकार का बड़ा एक्शन














