Gold-Silver Price
Gold-Silver Price: साल 2025 अपने विदाई की ओर बढ़ रहा है, लेकिन सराफा बाजार में सोने और चांदी की चमक मध्यम होने के बजाय और भी प्रखर हो गई है। साल के अंतिम दिनों में बहुमूल्य धातुओं ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छूकर निवेशकों और खरीदारों को हैरान कर दिया है। 26 दिसंबर की सुबह भारतीय सराफा बाजारों में एक नया इतिहास रचा गया। जहाँ सोने की कीमतों ने अब तक के सभी उच्चतम स्तरों को पीछे छोड़ दिया, वहीं चांदी की कीमतों में आया एकाएक उछाल बाजार के पंडितों के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है। शादियों के सीजन के बीच इन बढ़ती कीमतों ने आम आदमी के बजट पर असर डालना शुरू कर दिया है।
राजधानी दिल्ली में शुद्धता के मानक 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,39,410 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी 24 कैरेट गोल्ड 1,39,260 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। यदि आभूषणों के लिए उपयोग होने वाले 22 कैरेट सोने की बात करें, तो दिल्ली में इसका भाव 1,27,810 रुपये दर्ज किया गया है। चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और पुणे जैसे बड़े शहरों में भी 22 कैरेट गोल्ड 1,27,660 रुपये के आसपास बना हुआ है। लगातार बढ़ते दामों ने सोने को एक बार फिर सबसे सुरक्षित और मजबूत निवेश विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है।
घरेलू बाजार में आई इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां प्रमुख कारक हैं। वैश्विक बाजार में सोने का हाजिर भाव 4,525.96 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच चुका है। आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष अब तक सोने की कीमतों में लगभग 73.7 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। निवेश बैंक ‘गोल्डमैन सैक्स’ के ताजा अनुमान के अनुसार, यह तेजी अभी रुकने वाली नहीं है। बैंक का मानना है कि दिसंबर 2026 तक सोना 4,900 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी पार कर सकता है। विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा स्वर्ण भंडार में लगातार की जा रही वृद्धि ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों को मजबूत आधार प्रदान किया है।
सोने के नक्शेकदम पर चलते हुए चांदी ने भी इस साल निवेशकों को मालामाल कर दिया है। 26 दिसंबर को चांदी की कीमत में 8,460 रुपये की विशाल बढ़त देखी गई, जिसके बाद यह 2,32,741 रुपये प्रति किलोग्राम के अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी 72.70 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है। हैरानी की बात यह है कि इस साल घरेलू बाजार में चांदी ने करीब 153 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जो किसी भी अन्य पारंपरिक निवेश माध्यम की तुलना में कहीं अधिक है। औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश की बढ़ती प्रवृत्ति ने चांदी को ‘सफेद सोना’ बना दिया है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के दबाव के कारण कीमती धातुओं में निवेश बढ़ता रहेगा। हालांकि, जो लोग आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह स्तर काफी महंगा साबित हो सकता है। दूसरी ओर, निवेशकों के लिए ‘बाय ऑन डिप्स’ (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अब भी कारगर मानी जा रही है। सोने और चांदी की यह रिकॉर्ड तोड़ दौड़ दर्शाती है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अभी भी अस्थिरता का माहौल है, जिससे सुरक्षित संपत्ति के रूप में धातुओं की मांग चरम पर है।
Read More: Tulsi Root Remedies: घर में नहीं टिकता पैसा? तुलसी की जड़ के इन ज्योतिष उपायों से चमकेगी किस्मत
Good Governance Tihar 2026 : छत्तीसगढ़ में सुशासन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के…
Gas Delivery OTP Rule : मई का महीना शुरू होते ही आम आदमी और व्यापारियों…
Mental Health Awareness : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) से…
Bada Mangal Dates : हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व है,…
Sakti News: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां शनिवार…
Bilaspur Murder Case : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है,…
This website uses cookies.