Gold-Silver Price Today: पिछले दो कारोबारी दिनों के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में सोना करीब 4,400 रुपये तक सस्ता हो गया है, जबकि चांदी की कीमत में लगभग 9,600 रुपये की कमी आई है। कीमती धातुओं की कीमतों में आई इस गिरावट ने निवेशकों और आभूषण खरीदारों दोनों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की बदलती रणनीतियों का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

एमसीएक्स पर फ्यूचर कीमतों में बड़ी गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने और चांदी के वायदा कारोबार में कमजोरी देखने को मिली। अगस्त डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर की कीमत शुरुआती कारोबार में लगभग 1,079 रुपये घटकर 1,41,742 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच गई। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव करीब 2,050 रुपये टूटकर 2,17,325 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में आई इस गिरावट ने बाजार में सतर्कता का माहौल बना दिया है।

सर्राफा बाजार में भी नरम पड़े भाव
घरेलू सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,850 रुपये घटकर 1,44,330 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इसी तरह 22 कैरेट सोना करीब 1,700 रुपये सस्ता होकर 1,32,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता देखा गया। 18 कैरेट सोने की कीमत भी घटकर लगभग 1,08,250 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। दूसरी ओर चांदी की कीमत में भी बड़ी नरमी देखने को मिली और इसका भाव लगभग 5,000 रुपये घटकर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी पड़ा प्रभाव
वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट गोल्ड की कीमत हल्की गिरावट के साथ लगभग 4,042.77 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती देखी गई। कुछ दिन पहले सोना दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा था, लेकिन उसके बाद इसमें 120 डॉलर से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं स्पॉट सिल्वर भी कमजोर होकर लगभग 57.56 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया। वैश्विक बाजार में आई यह कमजोरी भारतीय बाजार की कीमतों पर भी असर डाल रही है।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। रिपोर्टों के मुताबिक, तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर पहुंचने की चर्चा है, जिससे वैश्विक महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। महंगाई बढ़ने की आशंका के कारण निवेशकों को यह उम्मीद है कि प्रमुख केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में जल्द कटौती करने के बजाय उन्हें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकते हैं।
ब्याज दरों का सोने-चांदी पर पड़ता है असर
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तब निवेशक सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों में अपेक्षाकृत कम निवेश करते हैं। ऐसे माहौल में बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्प अधिक आकर्षक हो जाते हैं, जिससे सोने और चांदी की मांग पर दबाव पड़ता है। यही कारण है कि मौजूदा समय में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है।
निवेशकों के लिए आगे क्या संकेत?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा काफी हद तक वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, कच्चे तेल की चाल, केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। यदि महंगाई और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है, तो कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय बाजार के संकेतों पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
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