Gold Silver Rate
Gold Silver Rate: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में मंगलवार को कीमती धातुओं की कीमतों में ऐसी तेजी देखी गई जिसने इतिहास के तमाम पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। स्टॉकिस्टों की आक्रामक खरीदारी और वैश्विक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश (Safe-Haven) की मांग ने चांदी की कीमतों को ₹6,000 की नई छलांग लगाने पर मजबूर कर दिया। इसके साथ ही चांदी अब ₹2,71,000 प्रति किलोग्राम के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर जा पहुंची है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, यह लगातार तीसरा सत्र है जब चांदी की चमक ने निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है। मंगलवार की इस 2.3 प्रतिशत की बढ़त ने बाजार के जानकारों को भी हैरान कर दिया है।
चांदी की कीमतों में आई यह तेजी कोई अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ दिनों से जारी एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा है। सोमवार को ही चांदी में ₹15,000 या करीब 6 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई थी, जब भाव ₹2,65,000 पर पहुंच गए थे। यदि बीते तीन कारोबारी सत्रों का हिसाब लगाया जाए, तो चांदी की कीमतें कुल ₹21,000 यानी 8.4 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं। नए साल 2026 की शुरुआत से अब तक का सफर देखें तो चांदी ₹32,000 (13.4 प्रतिशत) महंगी हो चुकी है। याद रहे कि 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव ₹2,39,000 प्रति किलोग्राम था, जो अब आसमान छू रहा है।
चांदी के साथ-साथ पीली धातु यानी सोने ने भी मंगलवार को अपनी कीमतों का नया इतिहास रचा है। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹400 की बढ़त के साथ ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। सोमवार को सोने की कीमतों में ₹2,900 का बड़ा उछाल आया था। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर मध्य-पूर्व और ईरान से जुड़ी चिंताओं ने निवेशकों को डरा दिया है। ऐसे में निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों के बजाय सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे घरेलू बाजार में मांग और आपूर्ति का संतुलन कीमतों के पक्ष में झुक गया है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी का मानना है कि कीमती धातुओं में यह तेजी अभी जारी रह सकती है क्योंकि ईरान और अन्य देशों के बीच बढ़ता तनाव सुरक्षित निवेश की मांग को कम नहीं होने दे रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मामूली मुनाफावसूली भी देखी गई है। मिराए एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह के अनुसार, अमेरिकी केंद्रीय बैंक ‘फेडरल रिजर्व’ की स्वायत्तता को लेकर उठ रहे सवालों और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों ने भी सोने-चांदी की दिशा तय करने में भूमिका निभाई है। अमेरिकी न्याय विभाग की फेड चेयर जेरोम पॉवेल के खिलाफ जांच की खबरों ने बाजार में कुछ हद तक अस्थिरता पैदा की है।
विदेशी बाजारों में भी चांदी की चमक कम नहीं हुई है। स्पॉट सिल्वर 0.58 फीसदी की तेजी के साथ $85.64 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। सोमवार को यह $86.26 के शिखर तक जा पहुंची थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अब निवेशकों की नजरें अमेरिका के उपभोक्ता महंगाई आंकड़ों और नए घरों की बिक्री से जुड़े डेटा पर टिकी हैं। यदि अमेरिकी आर्थिक आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहते हैं, तो सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर से उबाल देखने को मिल सकता है। फिलहाल, भारतीय उपभोक्ताओं और निवेशकों के लिए सोना-चांदी खरीदना जेब पर काफी भारी पड़ रहा है।
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