Gwalior Chambal : ग्वालियर चंबल अंचल बना फर्जी प्रमाण पत्रों का हब, सरकारी नौकरियों में भी हुई बड़ी धांधली

Gwalior Chambal : ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। ग्वालियर चंबल अंचल धीरे-धीरे फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। यहां अब तक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने के कई मामले सामने आए हैं। हालांकि कुछ मामलों में FIR दर्ज हुई है, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से इस धंधे के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।

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फर्जी प्रमाण पत्रों का दुरुपयोग

मध्य प्रदेश के कई विभागों में लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरियों में काम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकांश फर्जी प्रमाण पत्र ग्वालियर चंबल अंचल में बनाए गए हैं।

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फर्जी जाति प्रमाणपत्र

फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के जरिए कई लोगों ने सरकारी नौकरी हासिल की। इस मामले में 25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जयारोग्य अस्पताल के डॉ. दिनेश मांझी, डॉ. विनोद मांझी, इंजीनियर रजनीश और एक महिला डॉक्टर पर भी केस दर्ज हुआ है। कुल मिलाकर 50 और लोगों के नाम सामने आए हैं।

फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में बड़ा खुलासा हुआ कि जीवित लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर लगभग 20 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया। EOW ने 14 लोगों पर FIR दर्ज की। जांच में इरशाद खान, नसीमा खान, नदीम खान और अन्य कई लोग जीवित निकले।

फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र

फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट के जरिए मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग में प्रोफेसर और शिक्षक भर्ती में नौकरी हासिल की गई। 123 असिस्टेंट प्रोफेसरों के फर्जी सर्टिफिकेट जांच में आए, जिनमें अधिकांश ग्वालियर चंबल से जारी हुए। शिक्षक भर्ती में दिव्यांग सर्टिफिकेट के आधार पर 184 में से 66 फर्जी निकले।

फर्जी दस्तावेज सिर्फ 15-20 हजार में

अनूप जौहरी, जो दिव्यांग लोगों के अधिकारों के लिए काम कर रहे हैं, का कहना है कि ग्वालियर चंबल अंचल में 15-20 हजार रुपए में फर्जी प्रमाण पत्र आसानी से बन जाते हैं। संबंधित विभागों में मिलीभगत के कारण यह धंधा चल रहा है।

जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई की जरूरत

वरिष्ठ पत्रकार महेश शिवहरे के मुताबिक, इस इलाके में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने की परंपरा बहुत पुरानी है। कई जांच और गिरफ्तारी हुई हैं, लेकिन बड़े अधिकारी बच निकलते हैं। ऐसे में जरूरी है कि सरकार बड़ी जांच एजेंसी से जांच कराए और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हो।

आगे क्या हो सकता है?

एसटीएफ मध्य प्रदेश अब कई विभागों में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे लोगों पर शिकंजा कस रही है। जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ेगा, और लोगों का फर्जीवाड़े में नाम सामने आने की संभावना है।

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