Halal certification protest: देशभर में हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर जारी विवाद के बीच छत्तीसगढ़ के हिन्दू संगठनों ने ‘ओम सर्टिफिकेशन’ अभियान की शुरुआत की है। राजधानी रायपुर में धर्मसिंधु श्रद्धा फाउंडेशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस अभियान की घोषणा हुई। इस मौके पर वीर सावरकर के पोते रणजीत सावरकर ने कहा कि आज हलाल सर्टिफिकेशन मांसाहार तक सीमित नहीं रह गया बल्कि हर क्षेत्र में फैल गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि “देश में हिंदुओं की बहुमत आबादी है, तो हम अपनी आस्था के खिलाफ हलाल फूड क्यों खाएं?”
रणजीत सावरकर ने बताया कि हिंदू व्यवसायियों और ग्राहकों को एकजुट कर हिंदू परंपराओं के अनुसार शुद्ध और पवित्र वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए ‘ओम सर्टिफिकेशन’ अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान हिंदू आस्था का सम्मान करता है और व्यवसायों को प्रमाणित करता है कि वे पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रमाणपत्र अनिवार्य नहीं है, लेकिन अगर हिंदू वस्तुओं पर कोई ऐसा प्रभाव पड़ता है जो उनकी आस्था के खिलाफ हो, तो यह स्वीकार्य नहीं होगा।
‘ओम सर्टिफिकेशन’ के समर्थन में मौजूद सुनील घनवट ने भी हलाल सर्टिफिकेशन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हलाल सर्टिफिकेशन के जरिए एक समानांतर अर्थव्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत में केवल पांच मुस्लिम एजेंसियां हलाल सर्टिफिकेशन देती हैं, जिनमें जमीयत उलेमा-ए-हिंद भी शामिल है। उनका आरोप है कि यह संस्था 700 से ज्यादा आतंकवादियों के मुकदमे लड़ रही है। इसलिए उन्होंने हलाल उत्पादों के बहिष्कार की अपील की।
रणजीत सावरकर ने बताया कि ‘ओम प्रतिष्ठान’ की स्थापना हिंदू आस्था का संरक्षण करने के लिए की गई है। इसके तहत प्रसाद, पूजा सामग्री और खाद्य पदार्थों की शुद्धि का ध्यान रखा जाएगा। इसके अलावा हिंदू व्यवसायियों और ग्राहकों को हिंदू नीति के अनुरूप वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अभियान का उद्देश्य है कि हिंदू ग्राहक केवल ‘ओम सर्टिफाइड’ उत्पादों का ही उपयोग करें ताकि उनकी आस्था सुरक्षित रहे।
हिंदू व्यवसायी और दुकानदार ‘ओम प्रतिष्ठान’ की वेबसाइट www.ompratishthan.org पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।
प्रमाण पत्र केवल हिंदुओं के लिए है, लेकिन इसे लेना अनिवार्य नहीं है।
ग्राहक अपनी जागरूकता के लिए ‘मैं हिंदू हूँ’ अभियान में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए 9090717187 पर मिस कॉल देकर जुड़ सकते हैं।
ओम सर्टिफिकेशन के लिए 108 रुपए प्रोसेसिंग फीस देनी होती है।
संस्था के वॉलंटियर दुकान या प्रतिष्ठान पर जाकर सत्यापन करेंगे, जिसके बाद ही प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
‘ओम सर्टिफिकेशन’ अभियान की ओर से ग्राहकों से अपील की गई है कि वे केवल ‘ओम प्रमाणित’ दुकानों से ही सामान खरीदें। इससे हिंदू संस्कृति और आस्था की रक्षा होगी और हलाल सर्टिफिकेशन के विरोध में एक संगठित आंदोलन खड़ा होगा।
छत्तीसगढ़ में ‘ओम सर्टिफिकेशन’ अभियान हिंदू संगठनों की तरफ से हलाल सर्टिफिकेशन के खिलाफ एक नया मोर्चा खोल रहा है। यह अभियान हिंदू आस्था और परंपराओं की रक्षा का दावा करता है और समुदाय को संगठित कर हलाल उत्पादों का बहिष्कार करने की दिशा में काम कर रहा है।
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