Hanumangarh Protest
Hanumangarh Protest: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गाँव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में किसानों का प्रदर्शन बुधवार को हिंसक हो गया। महापंचायत के बाद, सैकड़ों किसानों की भीड़ फैक्ट्री परिसर में जबरन घुस गई, उन्होंने फैक्ट्री की दीवार तोड़ दी और वहाँ खड़े 16 वाहनों को आग के हवाले कर दिया। जलाए गए वाहनों में 10 कारें, कई मोटरसाइकिलें, एक पुलिस जीप और एक जेसीबी मशीन शामिल हैं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई भीषण झड़प और पथराव में 5 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। बवाल के बाद, पुलिस ने 7 किसानों को हिरासत (Detain) में लिया है।
यह घटना बुधवार शाम को हुई, जब टिब्बी क्षेत्र में एसडीएम कार्यालय के पास आयोजित महापंचायत शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुई। किसान पिछले 15 महीनों से अधिक समय से ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की 450 करोड़ रुपये की लागत वाली अनाज आधारित एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि फैक्ट्री से प्रदूषण बढ़ेगा, भूजल दूषित होगा और उनकी फसलें प्रभावित होंगी।
महापंचायत के बाद, कुछ प्रदर्शनकारी फैक्ट्री साइट की ओर बढ़ गए। उन्होंने ट्रैक्टरों का इस्तेमाल कर फैक्ट्री की दीवार तोड़ दी और परिसर के अंदर घुसकर पथराव शुरू कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल करना पड़ा। इस झड़प में कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया सहित कई लोग घायल हुए हैं।
जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने देर रात एक बयान जारी कर असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की भावनाओं को देखते हुए महापंचायत की अनुमति दी गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने परमिटेड एरिया को छोड़कर फैक्ट्री स्थल पर पहुँचकर तोड़-फोड़ की, जबकि पूरे इलाके में धारा 144 लागू थी।
कलेक्टर ने बताया कि यह फैक्ट्री 2022 का प्रोजेक्ट है और इसे सभी वैधानिक मंजूरियां मिल चुकी हैं। इसमें एमओयू (MoU) के साथ-साथ 2023 में सीएलयू (CLU) परमिशन और इसी साल अगस्त में स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (SPCB) से भी मंजूरी मिली थी। उन्होंने कहा कि कोई भी कानून को अपने हाथ में न ले, क्योंकि हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर यादव ने यह भी बताया कि जिला प्रशासन ने पिछले डेढ़-दो साल में समाधान के लिए कई प्रयास किए हैं। ग्रामीणों को उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए पंजाब में स्थापित ऐसी ही फैक्ट्री का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया गया था। 3 दिसंबर को एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन भी किया गया था, जहाँ फैक्ट्री प्रबंधन ने प्रदूषण को लेकर लोगों की आशंकाओं को दूर करने के लिए प्रस्तुतिकरण दिया।
प्रबंधन ने बताया था कि फैक्ट्री से न केवल प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन होगा, बल्कि इससे किसानों को भी फायदा होगा। फैक्ट्री हर महीने 9 करोड़ रुपये की पराली और 6 करोड़ रुपये का मक्का या चावल खरीदेगी, जिससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इन प्रयासों के बावजूद, कुछ तत्वों ने कानून को हाथ में लिया, जिस पर एसपी हरीशंकर ने सख्त कार्रवाई की बात कही है। बवाल के बाद इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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