Haryana Fake Godmen : हरियाणा में कथित फर्जी धर्मगुरुओं और बाबाओं के खिलाफ खाप पंचायतों, आर्य समाज के संगठनों और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स ने मोर्चा खोल दिया है। इनका आरोप है कि कुछ लोग धर्म और चमत्कार के नाम पर अंधविश्वास फैलाकर लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं। इस अभियान में जेल में बंद संत रामपाल, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और कई स्थानीय धर्मगुरु निशाने पर हैं।
झाड़ू से कैंसर ठीक करने का दावा चर्चा में
जींद जिले के पांडु पिंडारा गांव की 27 वर्षीय कथित साध्वी कमलदीप के दावों ने विवाद बढ़ा दिया है। वह कहती हैं कि शरीर पर झाड़ू घुमाने से गठिया और कैंसर जैसी बीमारियां ठीक हो सकती हैं। सप्ताह में दो दिन उनके डेरे पर हजारों लोग पहुंचते हैं और प्रत्येक व्यक्ति 51 रुपये देता है। आलोचक इन दावों को बिना वैज्ञानिक प्रमाण वाला उपचार बताते हुए सवाल उठा रहे हैं।

खाप पंचायतों ने भी खोला मोर्चा
द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान को ‘पाखंडवाद’ के खिलाफ लड़ाई कहा जा रहा है। इसकी खास बात यह है कि आंदोलनकारी धार्मिक आस्था को नहीं, बल्कि धर्म के नाम पर कथित धोखाधड़ी को चुनौती दे रहे हैं। 84 गांवों की खाप के अध्यक्ष हरदीप सिंह अहलावत का कहना है कि संत रामपाल अब हिंदू देवी-देवताओं, बुजुर्गों और महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं तथा खुद को ईश्वर बताते हैं।

आर्य समाज और रामपाल के बीच पुराना विवाद
आर्य समाज का रामपाल के विचारों से लंबे समय से टकराव रहा है। 2006 में करौंथा में दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत और 59 लोग घायल हुए थे। बाद के संघर्षों में भी जानें गईं। 2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस कार्रवाई के दौरान पांच महिलाओं और एक बच्चे की मौत हुई तथा करीब 200 लोग घायल हुए। इन घटनाओं के बाद कई आपराधिक मामले दर्ज हुए।
चमत्कारों के दावों पर खुली चुनौती
आर्य समाज के युवा नेता आदित्य वैष ने रामपाल की पुस्तकों में लिखे चमत्कारों पर सवाल उठाए हैं। एक दावे के मुताबिक, 11 हजार वोल्ट के करंट से प्रभावित बच्चे को रामपाल ने बचाया था। वैष ने इस दावे की सत्यता साबित करने की चुनौती देते हुए 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया। उनका कहना है कि विरोध व्यक्तिगत नहीं, वैचारिक है।

यूट्यूबर्स ने वीडियो और गीतों से उठाई आवाज
गुरुग्राम के कंटेंट क्रिएटर सुमित बाजवा रामपाल के दावों पर वीडियो बनाते हैं। सोनीपत के हर्ष छिकारा भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। छिकारा ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर जातिगत भेदभाव और चमत्कारों के दावों को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि आलोचनात्मक वीडियो के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ।
मनीषा हत्याकांड को लेकर धर्मगुरुओं को चुनौती
अमेरिका में रहने वाले ऑनलाइन एक्टिविस्ट धर्मेंद्र हुड्डा ने 29 जुलाई को धर्मगुरुओं को मनीषा हत्याकांड का रहस्य उजागर करने की चुनौती दी थी। 18 वर्षीय मनीषा पिछले साल भिवानी से लापता हुई थीं और दो दिन बाद उनका शव मिला था। हाल में पंचकूला की अदालत ने सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट खारिज कर आगे जांच के निर्देश दिए।
विरोध के गीत भी हुए लोकप्रिय
‘तत्त्वदर्शी’ गीत में कथित पाखंड और धर्मगुरुओं के बढ़ते प्रभाव पर सवाल उठाए गए हैं। इसके लेखक हैरी लाठर के मुताबिक, गाने को यूट्यूब पर 1.6 करोड़ से अधिक बार देखा गया है। हालांकि रामपाल के अनुयायी आरोपों को गलत बताते हैं। उनका कहना है कि आश्रम में भोजन और रहने की सुविधा मुफ्त मिलती है तथा किसी पर दान देने का दबाव नहीं होता।
कमलदीप के डेरे पर अब भी जुट रही भीड़
विवादों के बावजूद कमलदीप के डेरे पर मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ पहुंच रही है। वह झाड़ू घुमाकर उपचार करने का दावा करती हैं। पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इन कथित चमत्कारों के प्रमाण मांगे हैं। कमलदीप का जवाब है कि सब कुछ भगवान करते हैं।


