Hathnikund Barrage Accident: हरियाणा-हिमाचल प्रदेश सीमा पर स्थित हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में बुधवार को सेना की एक्सरसाइज के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बाढ़ बचाव की प्रैक्टिस के दौरान सेना की मोटरबोट यमुना नदी के कथित डेंजर जोन की तरफ चली गई। तेज बहाव के बीच नाव अचानक पलट गई और नदी में डूब गई। हादसे के बाद एक से दो जवानों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और नदी में तलाश अभियान शुरू कर दिया।
वन पैरा स्पेशल फोर्स कर रही थी अभ्यास
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में सेना की वन पैरा स्पेशल फोर्स के जवान बाढ़ बचाव से जुड़ी एक्सरसाइज कर रहे थे। इसी अभ्यास के दौरान मोटरबोट यमुना नदी के तेज बहाव वाले हिस्से में पहुंच गई। बताया जा रहा है कि यह क्षेत्र डेंजर जोन के तौर पर चिन्हित है। तेज धारा के कारण नाव अपना संतुलन खो बैठी और देखते ही देखते पानी में पलटकर डूब गई।
कुछ जवान तैरकर निकले सुरक्षित
नाव के पलटने के बाद उसमें सवार कुछ जवान नदी के तेज बहाव में फंस गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, करीब तीन जवानों ने लगभग 600 मीटर तक तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफलता हासिल की। हालांकि, एक जवान के तेज धारा में बह जाने की आशंका है। कुछ रिपोर्टों में एक से दो जवानों के लापता होने की बात सामने आई है। अधिकारियों की ओर से अभी तक प्रभावित जवानों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सेना और एसडीआरएफ ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। इसके साथ ही यमुनानगर की एसडीआरएफ और अन्य बचाव दलों को भी अभियान में लगाया गया। नदी में तेज बहाव के बावजूद लापता जवानों की तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बचाव दल नदी के आसपास के हिस्सों में भी तलाशी ले रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित सुराग का पता लगाया जा सके।
पानी से बाहर निकाली गई सेना की मोटरबोट
रेस्क्यू टीमों ने काफी प्रयास के बाद हादसे का शिकार हुई सेना की मोटरबोट को नदी से बाहर निकाल लिया। हालांकि, नाव मिलने के बावजूद लापता जवान का अब तक पता नहीं चल सका है। सुरक्षा और बचाव एजेंसियां नदी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए तलाश अभियान चला रही हैं। तेज जलधारा के कारण रेस्क्यू टीमों को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
हादसे के कारणों की जांच जारी
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मोटरबोट डेंजर जोन में किस परिस्थिति में पहुंची और हादसा आखिर किस वजह से हुआ। सेना के अभ्यास के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं, इस बारे में भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। प्रतापनगर पुलिस ने मामले को देश की सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है। हादसे से जुड़े तथ्यों की पुष्टि संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
लापता जवान की तलाश में जुटी टीमें
इस घटना के बाद इलाके में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। सेना, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। फिलहाल सभी का ध्यान लापता जवान को सुरक्षित तलाशने पर है। अधिकारियों की ओर से अंतिम स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है। जैसे-जैसे रेस्क्यू ऑपरेशन आगे बढ़ेगा, हादसे में प्रभावित जवानों की संख्या और घटना की परिस्थितियों को लेकर अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
KMP एक्सप्रेसवे हादसे में छह श्रद्धालुओं की मौत
गौरतलब है कि इससे पहले हरियाणा में कुंडली-मानेसर-पलवल यानी KMP एक्सप्रेसवे पर भी एक गंभीर सड़क हादसा हुआ था। यहां पिकअप वैन और ट्रक की टक्कर में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि 14 लोग घायल हुए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच हथनीकुंड बैराज में सेना की एक्सरसाइज के दौरान हुए हादसे ने भी चिंता बढ़ा दी है।
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