Gold Silver Price: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। इसका असर अब वैश्विक बाजारों के साथ-साथ कीमती धातुओं पर भी दिखाई देने लगा है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में पिछले पांच कारोबारी दिनों के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। भारी बिकवाली के दबाव के चलते 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव घटकर 1,58,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया है। इस दौरान सोने की कीमत में कुल 8,900 रुपये यानी करीब 5.30 प्रतिशत की कमी आई है।
25 अगस्त को 1,67,100 रुपये था सोने का भाव
दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में आखिरी तेजी 25 अगस्त को देखने को मिली थी। उस दिन सोने का भाव 2,700 रुपये बढ़कर 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया था। यह लगातार चौथा कारोबारी दिन था, जब सोने की कीमत में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। उस समय बाजार में सोने की मजबूत मांग और निवेशकों की दिलचस्पी के चलते कीमतों को समर्थन मिला था। हालांकि इसके बाद बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया।
26 अगस्त से शुरू हुआ सोने में गिरावट का सिलसिला
25 अगस्त के बाद सोने की कीमतों में लगातार कमजोरी देखने को मिली। 26 अगस्त को सोना 600 रुपये गिरकर 1,66,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इसके अगले दिन यानी 27 अगस्त को भाव में 800 रुपये की और गिरावट आई और कीमत 1,65,700 रुपये रह गई। 28 अगस्त को गिरावट और तेज हुई तथा सोना 3,300 रुपये टूटकर 1,62,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 31 अगस्त को भाव 1,500 रुपये घटकर 1,60,900 रुपये और 1 सितंबर को 2,700 रुपये की गिरावट के बाद 1,58,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।
कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाई महंगाई की चिंता
सोने की कीमतों पर दबाव की एक प्रमुख वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। तेल महंगा होने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है। ऐसे माहौल में निवेशकों का ध्यान केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों और आगे की मौद्रिक नीति पर अधिक केंद्रित हो जाता है। इसके चलते सोने में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
वैश्विक बाजार में भारी बिकवाली का भी असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं में हुई भारी बिकवाली ने भी घरेलू सोने की कीमतों को प्रभावित किया है। सोना आम तौर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौरान सुरक्षित निवेश के तौर पर देखा जाता है, लेकिन बाजार में ब्याज दरों और महंगाई को लेकर उम्मीदें बदलने पर निवेशक अपनी पोजीशन कम कर सकते हैं। इसी वजह से हाल के दिनों में सोने की कीमतों में लगातार कमजोरी देखी जा रही है।
चांदी की कीमत भी 13,000 रुपये नीचे आई
सोने के साथ-साथ चांदी के भाव में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 अगस्त को चांदी लगातार तीसरे दिन तेजी के साथ 2,53,500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई थी। इस दौरान चांदी ने करीब चार महीने का उच्च स्तर हासिल किया था। लेकिन इसके बाद बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ने लगा और कीमत लगातार नीचे आने लगी।
1 सितंबर को 2,40,500 रुपये रहा चांदी का भाव
1 सितंबर को कारोबार समाप्त होने तक चांदी की कीमत में कुल 13,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की जा चुकी थी। अकेले 1 सितंबर को चांदी 5,000 रुपये टूटकर 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इस तरह सोने और चांदी दोनों में एक साथ आई कमजोरी ने सर्राफा बाजार की दिशा बदल दी है। आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक बिकवाली और ब्याज दरों से जुड़े संकेत कीमती धातुओं के भाव के लिए अहम रहेंगे।
Read More : Crude Oil Price: 7 दिन में 11% महंगा हुआ Brent, 100 डॉलर पार करने को तैयार