Recruitment Fee Scam : सरगुजा के राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर वर्ष 2022-23 में निकाले गए विज्ञापन को निरस्त कर दिया गया है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि अब भर्ती व्यापम के माध्यम से होगी। लेकिन बेरोजगार युवाओं का गुस्सा इस बात को लेकर है कि आवेदन शुल्क के नाम पर उनसे करोड़ों रुपये वसूले गए और आज तक यह सार्वजनिक नहीं किया गया कि वह राशि कहाँ गई। विज्ञापन निरस्तीकरण सूचना इसके बावजूद अधिष्ठाता कार्यालय द्वारा जारी आदेश में सिर्फ इतना लिखा गया कि “स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में 23 अप्रैल 2025 को हुई स्वशासी समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार 2022-23 के समस्त पदों की भर्ती प्रक्रिया निरस्त की जाती है।” आदेश में यह नहीं बताया गया कि कितने फॉर्म प्राप्त हुए और फीस के रूप में कुल कितनी राशि जमा हुई। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने बेरोजगारों से वसूली गई रकम का कोई ब्योरा जारी नहीं किया है। युवाओं ने कहा कि यदि यह पैसा खर्च हुआ है तो उसका पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा समस्त राशि तत्काल वापस की जाए। सोशल मीडिया पर भी इस फैसले की आलोचना तेज हो गई है और बेरोजगारों ने इसे “फीस घोटाला” करार दिया है। कुल मिलाकर, भर्ती निरस्तीकरण ने न केवल युवाओं के भविष्य को अधर में डाल दिया है बल्कि फीस वापसी पर शासन-प्रशासन की चुप्पी ने पूरे मामले को और संदेहास्पद बना दिया है। बेरोजगारों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर जवाब मांगेंगे। पूर्व में जारी किये गए भर्ती विज्ञापन का विवरण 🔴 आवेदन शुल्क ◆ सामान्य/ओबीसी : ₹300 प्रति फॉर्म ◆ एससी/एसटी : ₹200 प्रति फॉर्म ◆ पूरे छत्तीसगढ़ से आवेदन आमंत्रित ◆ कई अभ्यर्थियों ने 4–5 फॉर्म तक भरे ◆ अनुमानित कुल राशि – करोड़ों रुपये 🔴 अभ्यर्थियों के सवाल ◆ वर्गवार कितने फॉर्म आए, अब तक क्यों नहीं बताया गया? ◆ कुल फीस कितनी जमा हुई और कहाँ गई? ◆ पैसा किस कार्य में खर्च हुआ, इसका ब्योरा कब मिलेगा? 🔴 मुख्य माँगें ◆ फीस वसूली का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए। ◆ यदि राशि खर्च हो चुकी है तो विवरण सामने लाया जाए। ◆ बेरोजगारों की फीस तत्काल लौटाई जाए। ◆ व्यापम से नई भर्ती की स्पष्ट समयसीमा घोषित की जाए।

















