Heart Attack Symptoms : हार्ट अटैक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसे केवल उम्रदराज लोगों की बीमारी मानना सही नहीं है। आज कम उम्र के लोगों में भी हृदय संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे में हार्ट अटैक के शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है। समय पर मेडिकल मदद मिलने से गंभीर नुकसान का खतरा कम किया जा सकता है। फोर्टिस, ग्रेटर नोएडा के सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजी डॉ. हरनिश सिंह भाटिया ने हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण और इमरजेंसी में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी दी है।
हार्ट अटैक आखिर क्यों होता है?
हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों तक रक्त और ऑक्सीजन पहुंचाने वाली कोरोनरी आर्टरी में अचानक रुकावट आ जाती है। इससे हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचना शुरू हो सकता है। ऐसी स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। जितनी जल्दी मरीज को उचित चिकित्सा मिलती है, हृदय को होने वाले नुकसान को सीमित करने की संभावना उतनी ही बढ़ सकती है।
सीने में दर्द या दबाव को न करें नजरअंदाज
हार्ट अटैक का सबसे प्रमुख संकेत सीने में दर्द, दबाव या जकड़न हो सकता है। मरीज को सीने में भारीपन, जलन या दबाव महसूस हो सकता है। यह परेशानी कुछ मिनट तक रह सकती है या बीच-बीच में वापस आ सकती है। कई मामलों में यह असहजता बाएं या दोनों हाथों, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैल सकती है।
सांस फूलने के साथ ये संकेत भी दिख सकते हैं
हार्ट अटैक के दौरान केवल सीने में दर्द ही नहीं होता। सांस लेने में परेशानी, अचानक ठंडा पसीना, मितली या उल्टी, चक्कर, अत्यधिक कमजोरी और बेचैनी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए अचानक एक साथ कई ऐसे संकेत नजर आने पर इसे सामान्य थकान, गैस या एसिडिटी मानकर घर पर इंतजार करना जोखिम भरा हो सकता है।
महिलाओं और डायबिटीज मरीजों में लक्षण अलग हो सकते हैं
कुछ महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में हार्ट अटैक के लक्षण सामान्य से अलग हो सकते हैं। ऐसे मरीजों में सीने में तेज दर्द के बजाय सांस फूलना, कमजोरी, अपच, मतली या असामान्य थकान प्रमुख संकेत हो सकते हैं। इसलिए केवल सीने में दर्द को ही हार्ट अटैक पहचानने का एकमात्र आधार नहीं मानना चाहिए।
संदेह होते ही तुरंत इमरजेंसी सहायता लें
अगर किसी व्यक्ति में हार्ट अटैक के लक्षण दिखाई दें या इसका संदेह हो, तो सबसे पहले तुरंत एंबुलेंस या स्थानीय इमरजेंसी मेडिकल सेवा को कॉल करना चाहिए। मरीज को आरामदायक स्थिति में बैठाएं और उसे खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने न दें। मेडिकल टीम को बुलाने में देरी करने के बजाय जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता लेना सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
एस्पिरिन देने से पहले जरूरी सावधानी
कुछ परिस्थितियों में एस्पिरिन हार्ट अटैक के संदिग्ध मरीज के लिए मददगार हो सकती है। लेकिन इसे हर व्यक्ति को बिना जांच के देना उचित नहीं है। यदि मरीज होश में है, दवा निगल सकता है और उसे एस्पिरिन से एलर्जी, सक्रिय रक्तस्राव या डॉक्टर की ओर से इसे न लेने की स्पष्ट सलाह नहीं है, तभी मेडिकल गाइडलाइन के अनुसार एस्पिरिन पर विचार किया जा सकता है। संदेह होने पर इमरजेंसी मेडिकल टीम की सलाह लेना बेहतर है।
बेहोशी और सांस रुकने पर CPR जरूरी
अगर मरीज बेहोश हो जाए और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो तुरंत इमरजेंसी सहायता बुलाकर CPR शुरू करना चाहिए। यदि AED यानी ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर उपलब्ध है, तो प्रशिक्षित व्यक्ति या उसके निर्देशों के अनुसार उसका इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है।
गैस या एसिडिटी समझकर न टालें लक्षण
सीने में जलन या भारीपन कई बार गैस और एसिडिटी जैसा महसूस हो सकता है, लेकिन कुछ मामलों में यही हार्ट अटैक का संकेत भी हो सकता है। खासकर सीने की परेशानी के साथ सांस फूलना, पसीना, चक्कर, मतली या हाथ-जवड़े तक दर्द हो तो तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी है। हार्ट अटैक के संदेह में देरी करने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता लेना सबसे सुरक्षित कदम है।
Read More : Rahul Gandhi FIR : राहुल गांधी का बड़ा बयान, बोले 45 एफआईआर हैं मेडल, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें