Darjeeling Landslide: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और नॉर्थ बंगाल क्षेत्र में लगातार भारी बारिश ने विनाशकारी भूस्खलन और बाढ़ को जन्म दिया है। अब तक 38 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल और लापता हैं। हालात गंभीर बने हुए हैं और मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और अधिक बारिश की चेतावनी दी है।

दार्जिलिंग में भूस्खलन का कहर
दार्जिलिंग हिल्स में भूस्खलन के चलते अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मिरीक-सुखियापोखरी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है, जहां भारी भूस्खलन ने कई घरों और चाय बगानों को मिट्टी में दफन कर दिया।

बिश्नुलाल गांव, वार्ड 3 लेक साइड और जसबीर गांव में भारी तबाही हुई है। डुडिया आयरन ब्रिज के ढह जाने से मिरीक और कुर्सियोंग के बीच संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
नॉर्थ बंगाल में बाढ़ और फ्लैश फ्लड
नॉर्थ बंगाल में भारी बारिश से नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। अब तक 20 से अधिक लोगों की मौत बाढ़ और फ्लैश फ्लड से हुई है। दिलाराम मुख्य सड़क और व्हिसल खोला सहित कई मार्ग बंद हो चुके हैं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं।
रेड अलर्ट और चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दार्जिलिंग और कालीमपोंग जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने आगाह किया है कि पहाड़ी ढलानों पर और अधिक भूस्खलन और सड़कें अवरुद्ध होने की संभावना है।
वहीं, भूटान के नेशनल सेंटर फॉर हाइड्रोलॉजी एंड मेट्रोलॉजी ने चेतावनी दी है कि ताला डैम के गेट्स बंद हैं, जिससे नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यदि गेट खोले गए या टूटे, तो नॉर्थ बंगाल के निचले इलाकों में भयानक फ्लैश फ्लड आ सकती है।
राहत और बचाव कार्य जारी
जिला प्रशासन और स्थानीय NGOs ने मिलकर अस्थायी राहत शिविर बनाए हैं। लोगों को भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। हालांकि, लगातार बारिश और दुर्गम भूगोल के कारण बचाव अभियान धीमा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी संभव सहायता भेजी जा रही है।
स्थानीय प्रशासन और जनता की अपील
GTA प्रवक्ता S. P. शर्मा के अनुसार, नॉर्थ बंगाल में हालत बेहद गंभीर हैं। प्रशासन ने तत्काल केंद्र और राज्य सरकार से अतिरिक्त संसाधन और मदद की मांग की है।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे खुले इलाकों में न रहें, और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। सभी से सहयोग और सतर्कता बरतने की अपील की गई है।दार्जिलिंग और नॉर्थ बंगाल में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बढ़ती मौतों और तबाही को देखते हुए अब यह आवश्यक हो गया है कि सरकारी मशीनरी और राहत एजेंसियां तेज़ी से कार्रवाई करें और हर ज़रूरतमंद तक मदद पहुंचाई जाए।











