Height Weight Chart : स्वस्थ और फिट रहने के लिए शरीर का वजन संतुलित रखना जरूरी माना जाता है। बढ़ता मोटापा कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। वहीं, जरूरत से कम वजन भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि उनकी हाइट के हिसाब से वजन कितना होना चाहिए और क्या उनका मौजूदा वजन सामान्य है।
केवल वजन से तय नहीं होती सेहत
विशेषज्ञों के अनुसार किसी व्यक्ति की सेहत का आकलन केवल मशीन पर दिखाई देने वाले वजन से नहीं किया जा सकता। लंबाई, उम्र, मांसपेशियों की मात्रा, शरीर में मौजूद फैट और कमर के आसपास जमा चर्बी जैसे कई कारकों को ध्यान में रखना जरूरी होता है। इसलिए वजन को समझने के लिए BMI यानी बॉडी मास इंडेक्स एक उपयोगी शुरुआती पैमाना हो सकता है।
BMI कैसे निकाला जाता है?
BMI निकालने के लिए वजन को किलोग्राम में और लंबाई को मीटर में लिया जाता है। लंबाई को मीटर में खुद से गुणा करने के बाद वजन को प्राप्त संख्या से भाग दिया जाता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति की लंबाई 1.65 मीटर और वजन 60 किलोग्राम है, तो BMI करीब 22 होगा। हालांकि BMI केवल एक सामान्य स्क्रीनिंग टूल है और इससे अकेले किसी व्यक्ति की पूरी स्वास्थ्य स्थिति तय नहीं होती।
हाइट के हिसाब से वजन का अनुमान
सामान्य BMI रेंज के आधार पर अलग-अलग लंबाई के लोगों के लिए वजन की एक अनुमानित सीमा निकाली जा सकती है। उदाहरण के तौर पर 5 फीट 5 इंच यानी करीब 165 सेंटीमीटर लंबाई वाले व्यक्ति के लिए सामान्य BMI के आधार पर वजन लगभग 50 से 68 किलोग्राम के आसपास हो सकता है। 5 फीट 6 इंच यानी करीब 168 सेंटीमीटर के लिए यह सीमा लगभग 52 से 70 किलोग्राम और 5 फीट 7 इंच यानी करीब 170 सेंटीमीटर के लिए लगभग 54 से 72 किलोग्राम हो सकती है।
5 फीट 8 और 5 फीट 9 इंच वालों का वजन
करीब 173 सेंटीमीटर यानी 5 फीट 8 इंच लंबाई वाले व्यक्ति के लिए सामान्य BMI के आधार पर वजन लगभग 55 से 74 किलोग्राम के बीच हो सकता है। वहीं 5 फीट 9 इंच यानी करीब 175 सेंटीमीटर लंबाई वाले व्यक्ति के लिए यह सीमा लगभग 57 से 76 किलोग्राम के आसपास बैठती है। ये आंकड़े केवल अनुमान हैं और व्यक्ति की उम्र, मांसपेशियों तथा शरीर में फैट की मात्रा के अनुसार स्वस्थ वजन अलग हो सकता है।
भारतीयों में कम BMI पर भी हो सकता है जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय और अन्य दक्षिण एशियाई लोगों में कम BMI होने पर भी पेट और कमर के आसपास फैट जमा होने का जोखिम रह सकता है। इसलिए केवल BMI देखकर स्वास्थ्य जोखिम का आकलन करना पर्याप्त नहीं माना जाता। कमर का घेरा, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य संकेतकों को भी ध्यान में रखना जरूरी हो सकता है।
बहुत कम वजन भी हो सकता है नुकसानदायक
जरूरत से कम वजन होने पर शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और पोषक तत्व नहीं मिल पाने का खतरा रहता है। लंबे समय तक पोषण की कमी से मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और व्यक्ति को थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है। कुछ स्थितियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
ज्यादा वजन से बढ़ सकता है बीमारी का खतरा
दूसरी ओर, शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने पर टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। अतिरिक्त फैट से इंसुलिन प्रतिरोध जैसी समस्या विकसित हो सकती है। कुछ लोगों में लिवर में फैट जमा होने की समस्या भी हो सकती है।
सही वजन जानने के लिए विशेषज्ञ की सलाह
हर व्यक्ति का स्वस्थ वजन एक जैसा नहीं होता। इसलिए केवल किसी ऑनलाइन चार्ट के आधार पर वजन कम या बढ़ाने का फैसला नहीं करना चाहिए। BMI के साथ कमर का घेरा, खान-पान, शारीरिक गतिविधि और अन्य स्वास्थ्य संकेतकों को देखकर स्थिति समझना बेहतर है। वजन को लेकर चिंता होने पर डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
Read More : Persian Gulf Conflict: फारस की खाड़ी और काला सागर संघर्ष में 11 भारतीय नाविकों की मौत, 4232 सुरक्षित लौटे