Persian Gulf Conflict: पश्चिम एशिया और फारस की खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है। पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार ने गुरुवार को बताया कि पश्चिम एशिया और फारस की खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्षों के दौरान अब तक 11 भारतीय नाविकों की मौत हुई है। सरकार लगातार प्रभावित समुद्री क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास कर रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से 4,232 भारतीय सुरक्षित लौटे
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजय कुमार ने बताया कि सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र से अब तक 4,232 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया है। उन्होंने कहा कि संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों पर जोखिम लगातार बढ़ा है। जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।
28 फरवरी के बाद बढ़े समुद्री हमले
विजय कुमार के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों में जहाजों पर मिसाइल हमलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इस वजह से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों और उनमें काम करने वाले चालक दल के सदस्यों के सामने सुरक्षा संबंधी खतरा बढ़ गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर
मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि 28 फरवरी के बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति गंभीर हुई। विजय कुमार ने कहा कि उस दिन अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था। उनके मुताबिक, इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और कई शीर्ष कमांडर मारे गए। इसके बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य पश्चिम एशिया का एक महत्वपूर्ण और संकरा समुद्री मार्ग है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से इस मार्ग की रणनीतिक अहमियत बहुत अधिक है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव समुद्री यातायात और जहाजों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
काला सागर संघर्ष में भी भारतीयों की मौत
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि काला सागर में जारी संघर्ष के दौरान पांच भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। इस जानकारी ने समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरकार की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नाविकों को निकालने और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
रियाद में धमाकों के बाद एयरपोर्ट बंद
इसी बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी तनाव की स्थिति सामने आई। हूती विद्रोहियों ने शहर में नए हमलों का दावा किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हमलों के बाद किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया। चश्मदीदों के मुताबिक, एयरपोर्ट से जाने वाली उड़ानें रोक दी गईं और यात्रियों को अपना चेक-इन सामान वहीं छोड़कर बाहर निकलने का निर्देश दिया गया।
रियाद में कई धमाकों से मची अफरा-तफरी
एक चश्मदीद ने बताया कि गुरुवार को रियाद में कई धमाकों की आवाज सुनी गई। इनमें शहर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ एक बड़ा धमाका भी शामिल था। घटनाक्रम के बाद एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रियाद की घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
समुद्री और हवाई यातायात पर बढ़ता असर
फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर समुद्री और हवाई यातायात पर दिखाई दे रहा है। भारतीय नाविकों की मौत और हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी के आंकड़े बताते हैं कि संघर्ष क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नागरिकों के लिए जोखिम कितना गंभीर है। सरकार की चुनौती अब प्रभावित इलाकों में मौजूद भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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