Himachal Disaster 2025: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में आई भयंकर आपदा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि पिछले चार दिनों में प्रदेश में तबाही का ऐसा मंजर देखने को मिला है जो पहले कभी नहीं देखा गया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस आपदा से हिमाचल प्रदेश को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन राहत और पुनर्वास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि मणिमहेश यात्रा के दौरान फंसे हुए यात्रियों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा, “मौसम साफ होते ही हमनें भारतीय वायु सेना की मदद से उन क्षेत्रों तक राशन और आवश्यक सामग्री पहुंचाना शुरू कर दिया है जहां आपदा के कारण राशन की कमी हो गई थी।”

सुक्खू ने आगे कहा कि वह आज मनाली और उसके बाद कुल्लू जाएंगे ताकि वहां की आपदा प्रभावित स्थिति का जायजा लेकर शीघ्र राहत कार्यों को गति दी जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार, मंत्रिमंडल के सदस्य और अधिकारी आपदा की गंभीर स्थिति को देखते हुए बैठक कर हिमाचल प्रदेश को पुनः सामान्य स्थिति में लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बागवानों के हितों का भी ख्याल रखा। उन्होंने कहा कि बागवानों की फसल को मंडी तक सुरक्षित पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। यह कदम प्रदेश के कृषि क्षेत्र को पुनर्जीवित करने और किसानों को आर्थिक सहारा देने के लिए अहम होगा।
आपदा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वासन दिया है कि कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़कों, पेयजल योजनाओं और पंचायतों को हुए नुकसान को जल्द से जल्द ठीक करने का भी पूरा दायित्व प्रदेश सरकार का है।
सुक्खू ने यह भी स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में सभी संबंधित विभाग और अधिकारी एकजुट होकर काम कर रहे हैं। उनका मकसद प्रदेशवासियों को सुरक्षित रखना और जीवन की सामान्य स्थिति बहाल करना है।
यह स्पष्ट है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस भयंकर आपदा को एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया है और प्रदेश की जनता के सहयोग से जल्द से जल्द पूरी स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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