PM Modi Assam Visit: असम के गुवाहाटी में 14 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 हजार करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “मैं शिव भक्त हूं, मुझे कितनी भी गालियां दो, मैं सारा जहर निगल जाता हूं, लेकिन जब किसी और का अपमान होता है, तो मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता।” पीएम मोदी ने विशेष रूप से असम के महान संगीतकार और कवि भूपेन हजारिका के प्रति कांग्रेस पार्टी की आलोचना की और उनसे जुड़े विवाद पर सवाल उठाए।

कांग्रेस पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने कहा कि 140 करोड़ देशवासी मेरे रिमोट कंट्रोल हैं, और वे देश के विकास के लिए उनके साथ हैं। उन्होंने जनता से पूछा कि क्या भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने का निर्णय सही था या गलत, और क्या कांग्रेस पार्टी द्वारा भूपेन जी को भारत रत्न से सम्मानित करने के खिलाफ किया गया अपमान स्वीकार्य है। इस तरह पीएम मोदी ने कांग्रेस की उस टिप्पणी की आलोचना की जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि मोदी नाचने-गाने वालों को भारत रत्न दे रहे हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी जिक्र किया
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद असम उनका पहला दौरा है। मां कामाख्या के आशीर्वाद से यह ऑपरेशन बड़ी सफलता साबित हुआ। उन्होंने कहा कि मां कामाख्या की धरती पर आकर उन्हें एक पवित्र अनुभूति हुई और यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि इस दिन यहां जन्माष्टमी मनाई जा रही है। उन्होंने लाल किले से अपने संबोधन की याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने भविष्य की सुरक्षा नीति में सुदर्शन चक्र का विचार रखा है, जो श्री कृष्ण के आदर्शों से प्रेरित है।
पीएम मोदी ने असम के मुख्यमंत्री से कांग्रेस अध्यक्ष का एक वीडियो भी दिखाए जाने का उल्लेख किया, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष ने भारत सरकार के भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने के निर्णय को नकारात्मक रूप से पेश किया था। मोदी ने इस वीडियो को देखकर दुख व्यक्त किया और कहा कि 1962 के चीन युद्ध के बाद उत्तर पूर्व के लोगों के घाव आज भी नहीं भरे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे उत्तर पूर्व की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं।
कई योजनाओं का भी जिक्र किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में असम और पूरे देश के विकास को लेकर कई योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में असम का विशेष योगदान है और केंद्र सरकार हर स्तर पर असम की तरक्की के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी ने असमवासियों से एकजुट होकर विकास के रास्ते पर बढ़ने का आह्वान किया।
इस मौके पर पीएम मोदी का संदेश स्पष्ट था कि वे अपने भक्तिमय स्वभाव के बावजूद देश और उसके गौरवों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार विकास के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक विरासत और महान विभूतियों का सम्मान भी सुनिश्चित करती है। इस तरह प्रधानमंत्री का असम दौरा न केवल विकास योजनाओं का उद्घाटन था, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी था जिसमें उन्होंने कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाए।










