Churu murder case: राजस्थान के चुरू जिले के रतनगढ़ थानाक्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। यहां ससुराल वालों ने दामाद महबूब खान की तांत्रिक क्रियाओं और ‘बुरी आत्माओं’ के नाम पर निर्मम हत्या कर दी। मामला इतना भयानक है कि सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर की गई क्रूरता
जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त की सुबह महबूब खान के ननिहाल के 12 लोगों ने उन्हें और उनके बेटे इमरान को घर बुलाया। इसमें महबूब की नानी गुलशन बानो, मामा याकूब, मामी नसीम, तांत्रिक बेबी फलक सहित कई अन्य लोग शामिल थे। आरोप है कि उन्होंने महबूब खान पर ‘बुरी आत्माओं’ का साया होने का आरोप लगाते हुए जादू-टोना और तांत्रिक क्रियाएं शुरू कर दीं।

तांत्रिक बेबी फलक ने महबूब को मिर्च वाला पानी पांच से सात बार पिलाया, कानों में तेल से भीगी रूई डाली, आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया। विरोध करने पर दामाद का मुंह पानी से भरे टब में डुबोकर मारने का प्रयास किया गया।
बेटे इमरान ने दर्ज करवाई रिपोर्ट
मृतक महबूब खान के बेटे इमरान ने पुलिस में तहरीर देकर ननिहाल के 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने कोर्ट के इस्तगासे के माध्यम से बताया कि तांत्रिक क्रियाओं के दौरान उनके पिता को जबरदस्ती मिर्च और कोयला खिलाए गए और उनके मुंह से पाला निकलने लगा। विरोध के बावजूद ससुराल वाले यह दावा करते रहे कि यह सब ‘बुरी आत्मा’ की वजह से हो रहा है।
इमरान ने बताया कि तांत्रिकों ने उसे और उसकी मां को धमकाया कि अगर उन्होंने शिकायत की तो ‘बुरी आत्मा’ उन्हें बर्बाद कर देगी। डर के मारे इमरान ने पहले पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में पुलिस को सूचना देकर केस दर्ज कराया।
पुलिस जांच में जुटी
रतनगढ़ पुलिस ने इस गंभीर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए हर पहलू की छानबीन कर रहे हैं। तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर हुई इस अमानवीय घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।
तंत्र-मंत्र के नाम पर बढ़ती घटनाएं चिंताजनक
राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में तंत्र-मंत्र और जादू-टोना के नाम पर ऐसे जघन्य अपराधों की संख्या बढ़ रही है। यह घटना समाज में जागरूकता फैलाने और लोगों को इस तरह के कुप्रथाओं से बचाने की आवश्यकता को उजागर करती है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में तंत्र-मंत्र और जादू-टोना की जगह वैज्ञानिक और चिकित्सीय मदद लेना आवश्यक है। किसी भी विवाद या समस्या को हल करने के लिए कानून और स्वास्थ्य विशेषज्ञों से संपर्क करना चाहिए।
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