IND vs PAK Final: एशिया कप 2023 के रोमांचक फाइनल में Tilak Varma ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से पाकिस्तान के ख्वाबों को चकनाचूर कर दिया। मैच की शुरुआत में पाकिस्तान के गेंदबाजों ने जबरदस्त दबाव बनाया और सिर्फ 20 रन पर तीन विकेट गिरा दिए थे, लेकिन तिलक ने मैदान पर शेर की तरह दहाड़ लगाई और हर गेंदबाज पर रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उन्होंने अपनी आतिशी बल्लेबाजी के साथ-साथ स्ट्राइक रोटेशन भी बेहतरीन ढंग से किया।

तिलक वर्मा की धमाकेदार पारी
तिलक वर्मा ने दुबई के इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में 53 गेंदों पर नाबाद 69 रन बनाए। उनकी इस पारी में चार छक्के और तीन चौके शामिल थे, जिससे भारतीय टीम को मजबूती मिली। उन्होंने अपनी पारी में न सिर्फ जोरदार शॉट लगाए, बल्कि स्मार्ट और समझदारी से खेलते हुए लगातार टीम के लिए रन जोड़े। इस पारी ने भारतीय पारी को मजबूती दी और अंततः भारत को जीत की राह पर आगे बढ़ाया।

Rinku ne laga diya ek aur 𝐔𝐍𝐅𝐎𝐑𝐆𝐄𝐓𝐓𝐀𝐁𝐋𝐄 winning shot 💙
India are the champions of Asia 🙌
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— Sony LIV (@SonyLIV) September 28, 2025
मैच के बाद ‘नो हैंडशेक’ की परंपरा जारी
जैसे ग्रुप स्टेज और सुपर-4 मुकाबलों में हुआ था, वैसे ही फाइनल में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया। खासकर तिलक वर्मा ने जीत के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ियों से कोई हैंडशेक नहीं किया। यह सिलसिला दोनों टीमों के बीच तनाव और प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है, क्योंकि पिछले मैचों में भी इस बात को लेकर विवाद हुआ था और पाकिस्तान ने इसे अपनी बेइज्जती माना था।
हैंडशेक न करने का कारण और विवाद
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट केवल खेल का मैदान नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच राजनयिक और सामाजिक तनाव का भी प्रतीक बन चुका है। इसलिए, मैच के बाद दोनों टीमों के बीच हाथ मिलाने की परंपरा अक्सर टूट जाती है। इस बार भी फाइनल में ‘नो हैंडशेक’ का सिलसिला जारी रहा, जो दर्शाता है कि अभी भी दोनों देशों के बीच क्रिकेट के मंच पर भी तनाव बरकरार है।
तिलक वर्मा के प्रदर्शन ने दिलाए जीत के लिए उम्मीद
पाकिस्तान की टीम ने अच्छी शुरुआत जरूर की थी, लेकिन तिलक वर्मा के शेर जैसे प्रदर्शन ने पूरे मैच का रुख पलट दिया। उन्होंने न केवल बल्लेबाजी में माहिरी दिखाई, बल्कि टीम को मजबूती देने के साथ साथ मैदान पर आत्मविश्वास भी बढ़ाया। उनकी पारी ने भारत को एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ जीत की राह दिखाई।
एशिया कप 2023 के फाइनल में तिलक वर्मा की धमाकेदार पारी और ‘नो हैंडशेक’ की परंपरा दोनों ही बातें इस मैच को यादगार बनाती हैं। खेल के मैदान पर प्रतिस्पर्धा और भावनाओं का यह संगम दर्शाता है कि भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का जुनून केवल एक खेल से बढ़कर है। आने वाले समय में दोनों टीमों के बीच बेहतर खेल भावना देखने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल मैदान पर लड़ाई जारी रहेगी।










