India Alliance Protest : मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर इंडिया गठबंधन का विरोध प्रदर्शन जारी रहने की तैयारी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विपक्षी नेता लगातार चौथे दिन प्रदर्शन करेंगे। इस बीच, विपक्ष के 10 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की संभावना जताई गई है। सूत्रों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल के नामों पर सहमति बन चुकी है और राष्ट्रपति भवन से जवाब मिलने का इंतजार है। हालांकि, मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
राष्ट्रपति से मिलने वाले संभावित प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन?
प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम शामिल बताए गए हैं। इनके अलावा सुप्रिया सुले, उद्धव ठाकरे या संजय राउत, एमए बेबी या दीपांकर भट्टाचार्य, तथा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के ईटी अहमद बशीर के नाम भी सूची में बताए गए हैं। अंतिम प्रतिनिधिमंडल और मुलाकात का समय राष्ट्रपति भवन की पुष्टि के बाद स्पष्ट होगा।
ममता बनर्जी दिल्ली पहुंचीं
विपक्षी प्रदर्शन में भाग लेने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दिल्ली पहुंचने की जानकारी दी गई है। इंडिया गठबंधन के नेता मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सरकार और आयोग को जवाब देना चाहिए। वहीं, इन आरोपों और मांगों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
कनॉट प्लेस से तीन बसों में राजघाट पहुंचे विपक्षी नेता
पिछले दिन विपक्षी नेता कनॉट प्लेस से तीन बसों में सवार होकर राजघाट पहुंचे थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से ‘मोएट्स’ रेस्तरां में आयोजित दोपहर के भोज के बाद नेताओं ने महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता नारे लगाते और ढोल बजाते नजर आए। कुछ स्थानों पर वामपंथी छात्र संगठन आइसा के कार्यकर्ताओं ने भी नारेबाजी की और डफली बजाई।
प्रदर्शन में कांग्रेस और अन्य दलों के नेता शामिल
दोपहर के भोज में राहुल गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी और समाजवादी पार्टी के राजीव राय समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराईं। गठबंधन की रणनीति में राष्ट्रपति से मुलाकात के जरिए अपनी मांगें रखने का प्रयास भी शामिल बताया गया है।
जंतर-मंतर मार्च के दौरान पुलिस ने रोका था रास्ता
इससे पहले बुधवार को विपक्षी सांसदों ने जनपथ स्थित ‘सागर रत्ना’ रेस्तरां में भोजन किया और फिर बसों से जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। मंगलवार को भी विपक्षी सांसदों ने संसद से निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने अवरोधक लगाकर मार्च रोक दिया था।
राष्ट्रपति से मुलाकात और विपक्षी एकजुटता पर नजर
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पहले बताया था कि विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। कुछ दलों के प्रतिनिधि पिछले भोज में शामिल नहीं हुए थे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था कि भोज का फैसला देर रात लिया गया और सभी दलों को जानकारी दी गई थी। अब राष्ट्रपति से संभावित मुलाकात और आगे की रणनीति पर विपक्षी गठबंधन की नजर है।
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