India EU Summit 2026
India EU Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की आधिकारिक घोषणा की। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने इसे भारत की आर्थिक विकास यात्रा का एक निर्णायक क्षण बताया। यह समझौता न केवल व्यापारिक बाधाओं को कम करेगा, बल्कि वैश्विक मंच पर दो बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच अटूट विश्वास को भी प्रदर्शित करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत कल के गणतंत्र दिवस समारोह का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए गौरव का विषय है कि पहली बार यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं ने हमारे राष्ट्रीय पर्व में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। पीएम ने इसे “इतिहास का एक नया अध्याय” करार दिया। उनके अनुसार, यह यात्रा केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि यह भारत और यूरोप के बीच बढ़ते गहरे सामरिक और कूटनीतिक संबंधों का जीवंत प्रमाण है।
प्रधानमंत्री ने आधिकारिक रूप से साझा किया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत अब राजनीतिक घोषणा के साथ संपन्न हो गई है। उन्होंने इसे भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा और प्रभावशाली एफटीए बताया। इस अवसर पर आपदा जोखिम प्रबंधन और प्रशासनिक सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों का भी आदान-प्रदान किया गया। यह समझौता दोनों क्षेत्रों के बीच निवेश की सुरक्षा और व्यापारिक सुगमता को प्राथमिकता देने के लिए तैयार किया गया है।
पीएम मोदी ने एक सुखद संयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि आज 27 जनवरी है और आज ही के दिन यूरोपीय संघ के सभी 27 देशों के साथ यह समझौता हो रहा है। वर्तमान में भारत और यूरोपीय संघ के बीच वार्षिक व्यापार लगभग 180 बिलियन यूरो है। यूरोप में रह रहे 8 लाख से अधिक भारतीय वहां की अर्थव्यवस्था और समाज में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। यह एफटीए इन आर्थिक और मानवीय संबंधों को एक कानूनी और व्यापारिक सुरक्षा प्रदान करेगा, जिससे आने वाले समय में द्विपक्षीय व्यापार के दोगुना होने की उम्मीद है।
इस समझौते के फायदों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका सबसे बड़ा लाभ भारत के किसानों और मध्यम श्रेणी के उद्योगों (MSMEs) को मिलेगा। अब भारतीय कृषि उत्पादों और हस्तशिल्प को यूरोपीय बाजारों तक सुगम पहुंच प्राप्त होगी। यह डील विनिर्माण (Manufacturing) के क्षेत्र में लाखों नए अवसर पैदा करेगी। पीएम ने विश्वास जताया कि सर्विस सेक्टर के बीच सहयोग बढ़ने से भारत के आईटी और पेशेवर विशेषज्ञों के लिए यूरोप में काम करना और भी आसान हो जाएगा।
अंत में, प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत और यूरोपीय संघ की साझेदारी केवल लाभ पर आधारित नहीं है, बल्कि यह साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन पर टिकी है। साझा आर्थिक तालमेल और लोगों के बीच मजबूत संपर्क इस रिश्ते को वैश्विक अस्थिरता के बीच एक स्थिर धुरी बनाता है। यह एफटीए न केवल भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य की चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन में भी दोनों शक्तियों को एक साथ लाएगा।
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