India GDP: भारत की हालिया GDP वृद्धि दर को लेकर आंकड़ों की विश्वसनीयता पर चल रही चर्चा के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF की ओर से महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया सामने आई है। IMF ने भारत के सांख्यिकीय ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए किए जा रहे बदलावों का स्वागत किया है। संस्था का मानना है कि GDP की गणना में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) और उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) की नई श्रृंखला को शामिल करने से भविष्य में आर्थिक वृद्धि के अनुमानों को अधिक सटीक बनाने में मदद मिल सकती है।
IIP और PPI की नई श्रृंखला से बेहतर होंगे अनुमान
IMF के संचार विभाग की निदेशक जूली कोजैक ने PTI के सवाल का जवाब देते हुए भारत के नए सांख्यिकीय आंकड़ों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हालिया GDP आंकड़े जारी करते समय भारत ने IIP और PPI की नई श्रृंखलाओं को शामिल किया है। उनके अनुसार, इन आंकड़ों का इस्तेमाल आर्थिक गतिविधियों का आकलन करने में मददगार साबित हो सकता है और इससे भविष्य में GDP के अनुमान अधिक सटीक बनने की उम्मीद है।
भारत के सांख्यिकीय सुधारों का IMF ने किया स्वागत
जूली कोजैक ने कहा कि IMF भारत की व्यापक आर्थिक सांख्यिकी को आधुनिक बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों का स्वागत करता है। उन्होंने भारतीय अधिकारियों से सांख्यिकीय प्रणाली को लगातार मजबूत करने और आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार जारी रखने का आग्रह किया। उनके मुताबिक बेहतर और विश्वसनीय आर्थिक आंकड़े नीतिगत फैसलों के साथ-साथ देश की आर्थिक स्थिति के सही आकलन के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं।
दूसरी तिमाही में GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही
IMF अधिकारी के अनुसार, भारत की वास्तविक GDP में दूसरी तिमाही के दौरान 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह प्रदर्शन IMF के कर्मचारियों के अनुमान और कई अन्य विश्लेषकों की अपेक्षाओं से बेहतर रहा। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा गति को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। बेहतर वृद्धि दर ने वैश्विक स्तर पर भी भारत की आर्थिक स्थिति को चर्चा में बनाए रखा है।
सेवा क्षेत्र ने आर्थिक विकास को दिया मजबूत सहारा
जूली कोजैक के मुताबिक भारत की उम्मीद से बेहतर GDP वृद्धि में सेवा क्षेत्र की मजबूत गतिविधियों की अहम भूमिका रही। सेवा क्षेत्र ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे समग्र आर्थिक वृद्धि को मजबूती मिली। इसके अलावा निर्यात में आई तेजी भी विकास दर को समर्थन देने वाले प्रमुख कारणों में शामिल रही। इन दोनों क्षेत्रों की मजबूती ने दूसरी तिमाही के आंकड़ों को बेहतर बनाने में योगदान दिया।
वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत
भारत की आर्थिक वृद्धि ऐसे समय में दर्ज हुई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों से जुड़े झटकों का दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद देश की अर्थव्यवस्था ने बेहतर प्रदर्शन किया है। IMF की टिप्पणी से संकेत मिलता है कि बाहरी चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी मजबूती बनी हुई है। घरेलू आर्थिक गतिविधियों और सेवा क्षेत्र की बेहतर स्थिति ने विकास को सहारा दिया है।
IMF ने भारत को बताया वैश्विक विकास का अहम इंजन
जूली कोजैक ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत लगातार वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण विकास इंजन बना हुआ है। ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, भारत की अपेक्षाकृत मजबूत वृद्धि वैश्विक विकास के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
बेहतर आंकड़े भविष्य की आर्थिक तस्वीर स्पष्ट करेंगे
भारत में GDP गणना से जुड़े सांख्यिकीय सुधारों को लेकर IMF का समर्थन ऐसे समय आया है जब आर्थिक आंकड़ों की गुणवत्ता पर चर्चा जारी है। IIP और PPI की नई श्रृंखला को शामिल करने से आर्थिक गतिविधियों का अधिक व्यापक आकलन संभव होने की उम्मीद है। इससे न केवल GDP वृद्धि के अनुमानों में सुधार हो सकता है, बल्कि नीति निर्माताओं और विश्लेषकों को भारतीय अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति समझने में भी अधिक मदद मिल सकती है।
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