Pakistan Petrol Price Hike: आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बड़ा इजाफा हुआ है। लगातार बढ़ते ईंधन के दामों ने पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और आर्थिक दबाव के बीच लगातार चौथे दिन पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की है।
चार दिनों में पेट्रोल करीब 25 रुपये महंगा
पाकिस्तान में 8 सितंबर से 11 सितंबर के बीच पेट्रोल की कीमत में कुल 24.93 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। महज चार दिनों के भीतर इतनी बड़ी वृद्धि ने आम नागरिकों के घरेलू बजट को प्रभावित किया है। पेट्रोल की कीमत पहले 345.87 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 370.80 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। ईंधन की यह कीमत पाकिस्तान में आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ा आर्थिक झटका मानी जा रही है।
डीजल के दाम में भी करीब 20 रुपये की बढ़ोतरी
पेट्रोल के साथ हाई-स्पीड डीजल यानी HSD की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला है। 8 सितंबर से 11 सितंबर के बीच डीजल 19.99 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ। इसकी कीमत 378.05 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 398.04 रुपये प्रति लीटर हो गई है। डीजल के दाम में इतनी बड़ी वृद्धि का सीधा असर परिवहन और माल ढुलाई की लागत पर पड़ने की आशंका है।
8 सितंबर को सबसे ज्यादा बढ़े पेट्रोल के दाम
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला 8 सितंबर से शुरू हुआ। इस दिन पेट्रोल की कीमत में 12.90 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.72 रुपये की वृद्धि हुई। इसके अगले दिन यानी 9 सितंबर को पेट्रोल 5.58 रुपये और डीजल 4.18 रुपये महंगा हुआ। लगातार बढ़ते दामों ने पाकिस्तान में ईंधन बाजार पर दबाव और बढ़ा दिया।
10 और 11 सितंबर को भी जारी रही बढ़ोतरी
10 सितंबर को पेट्रोल की कीमत में 3.40 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई, जबकि डीजल 6.72 रुपये महंगा हो गया। इसके बाद 11 सितंबर को पेट्रोल के दाम में 3.05 रुपये और डीजल में 5.37 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई। लगातार चार दिनों तक हुई इस वृद्धि ने पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों को रिकॉर्ड ऊंचे स्तर के करीब पहुंचा दिया है।
महंगे ईंधन से रोजमर्रा की चीजें भी होंगी प्रभावित
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहेगा। परिवहन लागत बढ़ने के कारण खाद्य पदार्थों, सब्जियों, घरेलू सामान और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है। माल ढुलाई महंगी होने से बाजार में उत्पादों की अंतिम कीमत बढ़ने की आशंका रहती है। इससे पहले से महंगाई झेल रहे परिवारों का मासिक खर्च और बढ़ सकता है।
आर्थिक संकट के बीच जनता पर बढ़ा दबाव
पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक चुनौतियों, कर्ज के दबाव और महंगाई जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में पेट्रोल करीब 371 रुपये और डीजल लगभग 400 रुपये प्रति लीटर पहुंचना आम लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। ईंधन की महंगाई का असर नौकरीपेशा लोगों, छोटे कारोबारियों, किसानों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों पर भी पड़ सकता है।
सरकार के फैसलों से बढ़ सकता है जनता का असंतोष
लगातार बढ़ते ईंधन दामों के बीच सरकार के सामने महंगाई को नियंत्रित करने की चुनौती और गंभीर हो गई है। आम नागरिकों की आय की तुलना में खर्च तेजी से बढ़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि से जनता में असंतोष बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। पाकिस्तान सरकार के सामने अब आर्थिक दबाव और आम लोगों को राहत देने के बीच संतुलन कायम करना बड़ी चुनौती बन गया है।
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