India Morocco defense deal: भारत और मोरक्को के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मोरक्को के रक्षा मंत्री अब्देलतीफ लौदियी ने रबात में एक अहम रक्षा सहयोग समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

रक्षा सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, भारत और मोरक्को अब निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में गहन सहयोग बढ़ाएंगे:

आतंकवाद निरोध
समुद्री सुरक्षा
साइबर सुरक्षा
संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियान
सैन्य चिकित्सा सहयोग
रक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम
रक्षा उद्योग में साझेदारी
यह सहयोग दोनों देशों की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने में सहायक होगा।
क्यों खास है यह समझौता?
मोरक्को अफ्रीका के उत्तरी छोर पर स्थित एक रणनीतिक देश है, जो अटलांटिक महासागर और भूमध्यसागर दोनों से जुड़ा है। भारत के लिए यह साझेदारी अफ्रीकी और यूरोपीय क्षेत्रों में भौगोलिक और कूटनीतिक पहुंच बढ़ाने में मदद करेगी। इसके साथ ही भारत की ‘डिफेंस एक्सपोर्ट पॉलिसी’ को भी वैश्विक विस्तार मिलेगा। राजनाथ सिंह ने इस समझौते को “भारत के आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण लक्ष्य और वैश्विक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में अहम मील का पत्थर” बताया।
साइबर और समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर
दोनों देशों ने तेजी से उभरते साइबर खतरों और समुद्री सीमा सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। हिंद महासागर और अफ्रीकी समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए भारत और मोरक्को के बीच सूचना साझाकरण, संयुक्त अभ्यास और तकनीकी सहयोग की योजना है।
सैन्य प्रशिक्षण और चिकित्सा सहयोग
भारत ने पहले ही कई अफ्रीकी देशों को सैन्य प्रशिक्षण और चिकित्सा सहायता प्रदान की है। अब मोरक्को के सैन्य अधिकारी भारतीय प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, संयुक्त सैन्य चिकित्सा अभ्यास और युद्ध के समय मेडिकल लॉजिस्टिक्स साझा करने पर भी सहमति बनी है।
रक्षा उद्योग साझेदारी
भारत की रक्षा कंपनियां अब मोरक्को के साथ संयुक्त उत्पादन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और डिफेंस स्टार्टअप सहयोग के जरिए इस साझेदारी को और मजबूत करेंगी। इससे भारत के ‘मेक इन इंडिया – डिफेंस’ अभियान को अंतरराष्ट्रीय मान्यता और बाजार मिलेगा। भारत और मोरक्को के बीच हुआ यह रक्षा समझौता न केवल आतंकवाद और साइबर अपराध जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा, बल्कि रक्षा व्यापार, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक कूटनीति को भी नई दिशा देगा। यह समझौता दोनों देशों के लिए सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि की राह को और मजबूत करेगा।











