India UN Geneva: भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की दोहरी नीतियों और आतंकवाद को लेकर उसे कटघरे में खड़ा किया है। जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 60वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे पर झूठ फैलाने के लिए जमकर फटकार लगाई। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान की करतूतों की पोल खोलते हुए कहा कि आतंकवाद को पालने और मानवाधिकारों के नाम पर दुनिया को गुमराह करने वाला पाकिस्तान, पहले अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र को खाली करे।

भारत ने दिलाई पहलगाम, उरी और मुंबई हमलों की याद
क्षितिज त्यागी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, “पाकिस्तान द्वारा भेजे गए आतंकवादियों ने इस वर्ष अप्रैल में पहलगाम में हमला किया था। क्या हम उरी और मुंबई जैसे आतंकी हमलों को भूल जाएं? भारत और पूरी दुनिया पाकिस्तान की इन करतूतों को नहीं भूलेगी।” उन्होंने पाकिस्तान को आगाह किया कि आतंकवाद को समर्थन देना और उसे राज्य की नीति बनाना केवल उसकी वैश्विक छवि को ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता को भी नुकसान पहुंचा रहा है।

पाकिस्तान के भड़काऊ बयान पर भारत का करारा जवाब
पाकिस्तानी प्रतिनिधि द्वारा भारत के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी किए जाने के बाद, भारत ने संयम से लेकिन कड़े शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान UN मंच का दुरुपयोग कर रहा है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान को खुद के घर को सुधारने की जरूरत है, न कि भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की।
मानवाधिकारों के नाम पर ढोंग
भारत ने पाकिस्तान के मानवाधिकारों पर दिए गए बयानों को ढोंग करार दिया और कहा कि जिस देश की सेना खुद अपने नागरिकों पर अत्याचार करती हो, वह दूसरों को मानवाधिकार का पाठ नहीं पढ़ा सकता। क्षितिज त्यागी ने कहा, “पाकिस्तान को अपनी सेना के प्रभुत्व को खत्म कर नागरिक शासन को मजबूत करना चाहिए और अपने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।”
आतंकवाद को लेकर भारत की दो टूक
भारत ने इस सत्र में पाकिस्तान को साफ शब्दों में बताया कि वह दुनिया में आतंक का सबसे बड़ा निर्यातक बना हुआ है। भारत ने मांग की कि संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों को निष्पक्ष और गैर-चयनात्मक रहकर सभी देशों के लिए समान मानदंड अपनाने चाहिए। चुनिंदा देशों पर ध्यान केंद्रित करने से वैश्विक चुनौतियों की अनदेखी होती है।
भारत की सलाह: अर्थव्यवस्था और स्थायित्व पर दें ध्यान
भारत ने पाकिस्तान को सलाह दी कि उसे भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने के बजाय अपनी गिरती अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर ध्यान देना चाहिए। क्षितिज त्यागी ने कहा, “पाकिस्तान को भारत पर झूठ फैलाने की बजाय अपने देश की हालत सुधारने की कोशिश करनी चाहिए, जो कि आर्थिक कंगाली की कगार पर है।”
भारत ने UNHRC के मंच का प्रभावी उपयोग करते हुए एक बार फिर पाकिस्तान की असलियत दुनिया के सामने रखी है। पहलगाम, उरी और मुंबई जैसे हमलों का हवाला देकर भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को संरक्षण देता रहेगा, तब तक वह किसी भी मंच पर नैतिक अधिकार से बात नहीं कर सकता।











