MiG-21 Farewell: भारतीय वायुसेना के दिग्गज ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने मिग-21 के विदाई समारोह में अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्षण उनके लिए बेहद खास और यादगार है। उन्होंने बताया कि मिग-21 के साथ बिताए गए समय की यादें उनके दिल में सदैव जीवित रहेंगी।

शुभांशु शुक्ला ने कहा, “मिग-21 के साथ मेरा लंबा नाता रहा है। यह विमान मेरे लिए केवल एक मशीन नहीं, बल्कि मेरे करियर और जीवन की एक अहम हिस्सा रहा है। आज यहाँ आकर और इस विमान को अंतिम बार देखकर बहुत खुशी हो रही है।” उन्होंने बताया कि मिग-21 के साथ बिताए गए अनुभव उनके लिए बेहद गर्व की बात है।

मिग-21: भारतीय वायुसेना का एक ऐतिहासिक अध्याय
मिग-21 भारतीय वायुसेना के सबसे लंबे समय तक सेवा में रहे फाइटर जेट्स में से एक था। यह विमान 1960 के दशक से भारतीय आकाश की सुरक्षा में लगा रहा। अनेक युद्धों और मिशनों में इसने भारतीय सेना को मजबूती प्रदान की। 62 वर्षों की सेवा के बाद, मिग-21 को 26 सितंबर को चंडीगढ़ एयरबेस से विदाई दी गई।
समारोह की गरिमा और साथियों से पुनर्मिलन
शुभांशु शुक्ला ने मिग-21 के अंतिम विदाई समारोह की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समारोह बहुत ही गरिमापूर्ण और सुव्यवस्थित था। “यहां अपने पुराने साथियों से फिर से मिलना एक अद्भुत अनुभव था। उन साथियों के साथ बिताए पल और साझा किए गए अनुभव मेरे लिए अनमोल हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि मिग-21 न केवल एक विमान था, बल्कि भारतीय वायुसेना के लिए गौरव और शक्ति का प्रतीक था। इसके साथ जुड़ी हर कहानी, हर मिशन और हर चुनौती ने भारतीय एयरफोर्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

मिग-21 का योगदान और भारतीय वायुसेना की नई दिशा
मिग-21 ने 1965 और 1971 के युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा कारगिल युद्ध और हाल ही में 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक में भी इसने अपना योगदान दिया। मिग-21 की विदाई के साथ भारतीय वायुसेना अब आधुनिक और उन्नत विमान तकनीकों की ओर कदम बढ़ा रही है।
शुभांशु शुक्ला ने कहा, “जब हम मिग-21 को विदाई देते हैं, तो यह केवल एक विमान को नहीं, बल्कि एक युग को विदा करने जैसा है। यह भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास का एक हिस्सा रहा है और अब हम नए युग की ओर बढ़ रहे हैं।”
भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने यह भी जोर दिया कि मिग-21 के अनुभव और उसकी सेवा की कहानियां आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत होंगी। उन्होंने कहा, “हमारे युवा पायलट और विमानन प्रेमी मिग-21 के इस युग से सीख लेकर भारतीय वायुसेना को और मजबूत बनाएंगे।”
मिग-21 का विदाई समारोह भारतीय वायुसेना और देश के लिए भावुक और गर्व का क्षण था। भारतीय अंतरिक्ष यात्री और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के शब्दों में, मिग-21 केवल एक विमान नहीं बल्कि भारतीय सुरक्षा का एक अभिन्न हिस्सा था। उसकी विदाई के साथ नई तकनीकों और उन्नत विमानों का युग आरंभ हो रहा है, जो भारत की आकाश रक्षा को और भी मजबूत बनाएगा।
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