Indian Rupee News: भारतीय रुपये ने सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जोरदार वापसी दर्ज की। रुपये में 96 पैसे की तेजी आई और यह अस्थायी रूप से 95.75 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक, छह महीने से अधिक समय में एक कारोबारी दिन के दौरान यह सबसे बड़ी बढ़त रही। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 17 पैसे मजबूत होकर 96.71 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस तेजी को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से सप्ताहांत में घोषित विदेशी मुद्रा बाजार संबंधी उपायों से जोड़कर देखा जा रहा है।
कारोबार के दौरान 95.57 के स्तर तक पहुंचा रुपया
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में सोमवार को रुपया 95.61 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान इसने 95.57 का उच्चतम और 95.96 का न्यूनतम स्तर छुआ। आखिर में यह 95.75 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आरबीआई के हालिया कदमों से डॉलर की मांग घटाने और रुपये के खिलाफ अत्यधिक सट्टा पोजीशन पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, रुपये की आगे की चाल अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगी।
RBI ने विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव्स के नियम किए सख्त
रुपये को सहारा देने के उद्देश्य से आरबीआई ने शनिवार को विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव्स से जुड़े नियमों में बदलाव की घोषणा की। इसके तहत अधिकृत डीलरों को भारतीय रुपये से जुड़े ऐसे विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट दोबारा बुक करने की अनुमति नहीं होगी, जिन्हें पहले रद्द किया जा चुका है। यह नियम डिलीवरेबल और नॉन-डिलीवरेबल, दोनों प्रकार के कॉन्ट्रैक्ट पर लागू बताया गया है। इन उपायों का उद्देश्य बाजार में अत्यधिक सट्टेबाजी और अनावश्यक लेनदेन को नियंत्रित करना है।
बैंकों के लिए डॉलर खरीद पर अतिरिक्त प्रावधान
आरबीआई ने बैंकों को दो मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की डॉलर खरीद के लिए 20 प्रतिशत रिजर्व रखने संबंधी निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा, चुनिंदा बैंकों के माध्यम से तेल विपणन कंपनियों के लिए विशेष डॉलर विंडो और कुछ विदेशी मुद्रा हेजिंग लेनदेन की लागत बढ़ाने जैसे उपायों का उल्लेख किया गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन फैसलों से स्पॉट मार्केट में डॉलर की मांग कम हो सकती है। हालांकि, इनका वास्तविक और दीर्घकालिक असर आने वाले कारोबारी सत्रों में स्पष्ट होगा।
कच्चे तेल की कीमतें और शेयर बाजार दबाव में
रुपये में तेजी के बावजूद सोमवार को अन्य वित्तीय संकेतकों में दबाव देखने को मिला। डॉलर इंडेक्स 0.17 प्रतिशत बढ़कर 102.38 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.94 प्रतिशत चढ़कर 105.70 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 547.65 अंक गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 अंक टूटकर 22,363.35 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध आधार पर 3,568.90 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।
विदेशी मुद्रा भंडार में भी दर्ज हुई गिरावट
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 2 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12.952 अरब डॉलर घटकर 734.606 अरब डॉलर रह गया। इससे पिछले सप्ताह, 25 सितंबर को समाप्त अवधि में भी भंडार 18.343 अरब डॉलर घटकर 747.557 अरब डॉलर पर आ गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये की स्थिरता आगे कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश के प्रवाह, डॉलर की वैश्विक चाल और आरबीआई के उपायों के प्रभाव पर निर्भर करेगी।
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