India Pakistan UNHRC: भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में पाकिस्तान को उसके मानवाधिकार रिकॉर्ड को लेकर कड़ी फटकार लगाई है। जेनेवा में आयोजित परिषद के 60वें सत्र की 34वीं बैठक में भारत ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो देश अपने यहां अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करता है, उसे दूसरों को मानवाधिकारों पर उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

भारत का कड़ा बयान
भारतीय प्रतिनिधि मोहम्मद हुसैन ने बुधवार को UNHRC सत्र के दौरान पाकिस्तान के बयान का जवाब देते हुए कहा:”भारत को यह गहरा विरोधाभासी लगता है कि पाकिस्तान जैसा देश, जो अपने ही देश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का घोर उल्लंघन करता है, वह अन्य देशों को मानवाधिकारों पर भाषण देने की कोशिश करता है।”

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और अपने देश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे भेदभाव, अत्याचार और हिंसा को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।
पाकिस्तान पर क्यों बरसा भारत?
यह पहली बार नहीं है जब भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के दोहरे रवैये को उजागर किया है। पाकिस्तान अक्सर जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार हनन का मुद्दा उठाने की कोशिश करता है, लेकिन भारत बार-बार यह स्पष्ट कर चुका है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और वहां के लोगों को संविधान के तहत सभी अधिकार प्राप्त हैं।
इसके विपरीत पाकिस्तान में हिंदू, सिख, ईसाई और अहमदिया जैसे अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले होते रहे हैं। जबरन धर्म परिवर्तन, मंदिरों पर हमले, लड़कियों का अपहरण और उन्हें मुस्लिम पुरुषों से जबरन निकाह करने के मामले सामने आते रहते हैं।
भारत ने UNHRC से क्या अपेक्षा की?
भारतीय प्रतिनिधि ने परिषद से अपील की कि वह पाकिस्तान जैसे देशों की ओर से की जाने वाली राजनीतिक चालों को नजरअंदाज करे और मानवाधिकारों के संरक्षण के प्रति गंभीर रहे। भारत का कहना था कि कुछ देश मानवाधिकार मंचों का इस्तेमाल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए करते हैं, जिससे इन मंचों की साख को नुकसान पहुंचता है।
भारत का मानवाधिकार रिकॉर्ड
भारत ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि देश एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में चल रहा है जहां न्यायपालिका स्वतंत्र है, मीडिया सक्रिय है और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक व्यवस्था मौजूद है। भारत की विविधता और धर्मनिरपेक्षता को दुनिया भर में सराहा जाता है।
भारत की चेतावनी – पहले अपने घर को सुधारो
UNHRC में भारत की यह साफ और सशक्त प्रतिक्रिया पाकिस्तान के लिए एक कड़ा संदेश है। यह स्पष्ट किया गया है कि भारत किसी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने संप्रभुता और गरिमा से समझौता नहीं करेगा और झूठे आरोपों का मुंहतोड़ जवाब देगा।
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