Indonesia Earthquake : इंडोनेशिया के ईस्ट नूसा तेंगारा क्षेत्र में बुधवार रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, रुटेंग के पास आए इस भूकंप की तीव्रता 5.7 मापी गई। भूकंप का केंद्र रुटेंग से करीब 32 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे था। झटकों के कारण आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया।
चार जिलों में महसूस हुई भूकंप की कंपन
भूकंप का असर आसपास के कई जिलों में महसूस किया गया। मंगगराई रीजेंसी, पश्चिमी मंगगराई रीजेंसी, नागेकेओ रीजेंसी और पूर्वी सुम्बा रीजेंसी में लोगों ने धरती में कंपन महसूस किया। कई जगहों पर घरों के भीतर रखी वस्तुएं हिलने लगीं। हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
सुनामी का खतरा नहीं, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
भूकंप के बाद राहत की बात यह रही कि फिलहाल सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया गया है। हालांकि, क्षेत्र में लगातार छोटे झटके महसूस और दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम एजेंसियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
2 से 4 तीव्रता के छोटे झटके भी लगातार दर्ज
मुख्य भूकंप के बाद क्षेत्र में कम तीव्रता वाले कई झटके रिकॉर्ड किए गए हैं। इनकी तीव्रता लगभग 2 से 4 के बीच रही। विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लोरेस बैक-आर्क टेक्टोनिक जोन में लगातार भूकंपीय गतिविधियां हो रही हैं। इसी वजह से फ्लोरेस द्वीप और आसपास रहने वाले लोगों को अगले कुछ समय तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
7.7 तीव्रता के बड़े भूकंप के बाद आफ्टरशॉक जारी
मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी यानी BMKG के प्रमुख तेुकु फैसल फतहानी के अनुसार, फ्लोरेस क्षेत्र में आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद आफ्टरशॉक की गतिविधियां अभी जारी रह सकती हैं। उन्होंने बताया कि इतने बड़े भूकंप के बाद धरती के भीतर की गतिविधियों को सामान्य होने में कई सप्ताह लग सकते हैं।
तीन से चार सप्ताह तक जारी रह सकते हैं झटके
फतहानी ने बताया कि बड़े भूकंप के बाद आफ्टरशॉक की संख्या धीरे-धीरे कम होती है, लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति आने में करीब तीन से चार सप्ताह का समय लग सकता है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इस अवधि के दौरान सतर्क रहने और भूकंप से जुड़े सुरक्षा उपायों को गंभीरता से अपनाने की सलाह दी गई है।
अब तक 3,055 आफ्टरशॉक किए गए रिकॉर्ड
BMKG के आंकड़ों के अनुसार, 19 अगस्त 2026 की शाम पांच बजे तक कुल 3,055 आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके थे। इनमें सबसे शक्तिशाली आफ्टरशॉक की तीव्रता 6.2 रही, जबकि सबसे कमजोर झटके की तीव्रता 1.1 दर्ज की गई। कुल आफ्टरशॉक में से 88 ऐसे झटके थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने महसूस किया।
क्षतिग्रस्त इमारतों में वापस नहीं लौटने की अपील
BMKG भूकंपीय गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में मौजूद लोगों को समय-समय पर जरूरी जानकारी उपलब्ध करा रहा है। एजेंसी ने खास तौर पर उन इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है, जिनकी संरचना भूकंप के कारण कमजोर या क्षतिग्रस्त हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि आफ्टरशॉक के दौरान पहले से कमजोर इमारतों के गिरने का खतरा बढ़ सकता है।
राहत केंद्रों पर भी प्रशासन की निगरानी जारी
प्रशासन और संबंधित एजेंसियां प्रभावित इलाकों के साथ-साथ राहत एवं निकासी केंद्रों की स्थिति पर भी नजर रख रही हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं को ही प्राथमिकता दें। लगातार आफ्टरशॉक के बीच फिलहाल सुरक्षा को सबसे अधिक महत्व दिया जा रहा है।
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