Iran US Embassy Attack
Iran US Embassy Attack: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी सैन्य टकराव अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है, जहाँ से वापसी की राह कठिन नजर आ रही है। इस खूनी संघर्ष को शुरू हुए दो सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर लगातार मिसाइल और हवाई हमले कर रहे हैं। इस युद्ध की सबसे बड़ी विशेषता पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ ‘ड्रोन तकनीक’ का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होना है। ड्रोन के उपयोग ने इस जंग को न केवल आधुनिक बना दिया है, बल्कि इसे और अधिक घातक और जटिल भी बना दिया है, जिससे नागरिक इलाकों में भी डर का माहौल है।
ईरान ने अब सीधे तौर पर उन ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जहाँ अमेरिकी सेना की मौजूदगी है। हाल ही में एक सनसनीखेज घटना इराक की राजधानी बगदाद से सामने आई। यहाँ के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘ग्रीन ज़ोन’ में एक ईरान-समर्थित ड्रोन ने घुसपैठ की। यह ड्रोन अमेरिकी दूतावास के ठीक ऊपर करीब दो मिनट तक मंडराता रहा और वहां की संवेदनशील वीडियो फुटेज रिकॉर्ड करता रहा। दुनिया की सबसे आधुनिक सुरक्षा प्रणाली होने का दावा करने वाले अमेरिका के लिए यह एक बड़ी कूटनीतिक और सैन्य विफलता मानी जा रही है, जिसने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी दूतावास की सुरक्षा में यह सेंध अचानक नहीं लगी। कुछ दिनों पहले हुए एक आत्मघाती हमले में दूतावास का मुख्य रडार सिस्टम क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसका फायदा ईरान समर्थित गुटों ने उठाया। इसे युद्ध विज्ञान में ‘कॉस्ट असिमेट्री’ (Cost Asymmetry) कहा जा रहा है। इसका अर्थ है कि एक बेहद सस्ते और मामूली ड्रोन ने करोड़ों डॉलर के महंगे सुरक्षा तंत्र को धता बता दिया। जब तक रडार मरम्मत के दौर से गुजर रहा था, तब तक दुश्मन ने दूतावास की आंतरिक संरचना की जासूसी कर ली, जो भविष्य के किसी बड़े हमले का संकेत हो सकती है।
दूसरी ओर, इजरायल ने ईरान के भीतर घुसकर एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने का दावा किया है। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) की रिपोर्ट के अनुसार, एक सटीक हवाई हमले में ईरान की बासिज पैरामिलिट्री फोर्स के शीर्ष कमांडर घोलमरेजा सुलेमानी को मार गिराया गया है। बताया जा रहा है कि सुलेमानी को उस समय निशाना बनाया गया जब वे एक अस्थायी टेंट कैंप में मौजूद थे। इजरायल ने हाल के दिनों में ईरान के कई सैन्य बुनियादी ढांचों को तबाह किया है, जिसके बाद बासिज कमांडर अपनी रणनीति बदलने के लिए इस गोपनीय स्थान का उपयोग कर रहे थे।
इजरायली सेना ने केवल मुख्य कमांडर ही नहीं, बल्कि बासिज के डिप्टी कमांडर और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी ढेर करने का दावा किया है। बासिज फोर्स को ईरान के भीतर सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने और मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात माना जाता है। उनके शीर्ष नेतृत्व का सफाया होना ईरान के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक और सैन्य नुकसान है। इस घटना के बाद ईरान की ओर से तीव्र प्रतिक्रिया की उम्मीद है, जिससे यह आशंका प्रबल हो गई है कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले सकता है।
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