Karun Nair Test Future: भारतीय क्रिकेट में करुण नायर का नाम जब भी लिया जाता है, तो उनके ऐतिहासिक तिहरे शतक की याद ताजा हो जाती है। लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या करुण नायर का टेस्ट करियर खत्म हो गया है? वेस्टइंडीज दौरे के लिए घोषित भारतीय टेस्ट टीम में करुण को जगह नहीं मिली है और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

करुण नायर को क्यों नहीं मिली टीम में जगह?
करुण नायर को इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट मैचों में मौका मिला था, लेकिन वह प्रभावित करने में नाकाम रहे। आठ पारियों में उन्होंने केवल 205 रन बनाए, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 57 रहा। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे थे कि क्या उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ एक और मौका मिलेगा या नहीं।

मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर ने इस पर कहा, “हम करुण से थोड़ी और उम्मीद कर रहे थे। उन्हें चार टेस्ट मिले, लेकिन बात केवल एक पारी की नहीं है। इस समय हमें लगता है कि देवदत्त पडिक्कल अधिक हकदार हैं।” आगरकर ने यह भी जोड़ा कि, “हमारी कोशिश होती है कि हर खिलाड़ी को 15-20 टेस्ट खेलने का मौका मिले, ताकि वह खुद को साबित कर सके।”
पडिक्कल को क्यों मिला मौका?
देवदत्त पडिक्कल ने हाल ही में घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ धर्मशाला टेस्ट में डेब्यू किया था और 2 टेस्ट मैचों में अब तक 65 रनों की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली है। आगरकर ने कहा, “पडिक्कल पहले भी टेस्ट टीम का हिस्सा रह चुके हैं और उन्होंने हाल के मैचों में खुद को साबित किया है।”
क्या करुण नायर की वापसी मुमकिन है?
करुण नायर का टेस्ट करियर शायद ठहरा जरूर है, लेकिन खत्म नहीं हुआ है। क्रिकेट में वापसी के दरवाजे हमेशा खुले होते हैं, बशर्ते खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करे। करुण के पास अनुभव है, और अगर वह रन बनाते हैं तो चयनकर्ताओं का ध्यान फिर से उनकी ओर जा सकता है।
करुण नायर को टीम से बाहर किया जाना एक कड़ा लेकिन चयन-आधारित फैसला है। अजीत आगरकर ने साफ कहा है कि वर्तमान फॉर्म और संभावनाओं के आधार पर पडिक्कल को तरजीह दी गई है। करुण के पास अभी भी समय है, और अगर वह प्रदर्शन करें तो वापसी मुमकिन है। लेकिन फिलहाल के लिए, उनका टेस्ट करियर ठहराव में है।











