Indonesia school collapse: इंडोनेशिया के जावा द्वीप से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां एक निर्माणाधीन इस्लामिक स्कूल की इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसमें करीब 65 बच्चों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक राहत एवं बचाव कार्य के दौरान एक बच्चे का शव बरामद किया गया है। घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

यह हादसा मंगलवार को उस वक्त हुआ, जब बच्चे स्कूल परिसर में मौजूद थे। इमारत अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुई थी और इसके कई हिस्सों में निर्माण कार्य चल रहा था। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच चुके हैं और मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।

बचाव कार्य जारी
स्थानीय बचाव अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर एनडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। भारी मशीनरी के साथ-साथ मैन्युअल प्रयासों से भी मलबा हटाया जा रहा है ताकि बच्चों को जीवित बाहर निकाला जा सके। प्रशासन के अनुसार, शुरुआती घंटों में राहत कार्य में बारिश और मलबे की जटिलता के कारण बाधाएं आईं, लेकिन अब ऑपरेशन तेज़ कर दिया गया है।
क्यों गिरी स्कूल की इमारत?
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि स्कूल की इमारत अभी पूरी तरह से तैयार नहीं थी और उसमें निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से इमारत में दरारें देखी जा रही थीं, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया।
इंडोनेशियाई प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और निर्माण कंपनी से जवाब तलब किया गया है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि निर्माण मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे यह दुर्घटना हुई।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने जताया शोक
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय ने रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज़ करने और हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यह घटना न सिर्फ इंडोनेशिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी है कि स्कूल जैसी संस्थाओं की इमारतों में निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। मासूम बच्चों की जान जोखिम में डालना एक गंभीर अपराध है, जिसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।










