Israel Iran War
Israel Iran War: इजराइली रक्षा बल (IDF) ने शुक्रवार को ईरान की राजधानी तेहरान में अब तक के सबसे घातक हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया है। IDF प्रवक्ता के अनुसार, इजराइली वायुसेना के लगभग 50 अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने तेहरान के मध्य में स्थित ‘ईरानी नेतृत्व परिसर’ को निशाना बनाया। इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य उस विशाल अंडरग्राउंड बंकर को ध्वस्त करना था, जिसे ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के लिए एक अभेद्य किले के रूप में तैयार किया गया था। बताया जा रहा है कि इस कॉम्प्लेक्स पर इजराइली फाइटर जेट्स ने 100 से अधिक शक्तिशाली बम गिराए, जिससे पूरा इलाका दहल गया।
इजराइली सेना के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह हमला पूरी तरह से सटीक खुफिया जानकारी पर आधारित था। निशाना वह भूमिगत शेल्टर था जिसे युद्ध के समय ‘इमरजेंसी कमांड सेंटर’ के रूप में इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया था। इजराइल का दावा है कि इस केंद्र को पूरी तरह सक्रिय होने या इस्तेमाल में लाए जाने से पहले ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया है। यह बंकर आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से लैस था, लेकिन इजराइली वायुशक्ति के सामने इसकी दीवारें टिक नहीं सकीं।
IDF प्रवक्ता ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि सैन्य अभियान के शुरुआती चरण में ही अली खामेनेई की मृत्यु हो चुकी थी, इसके बावजूद इस अंडरग्राउंड परिसर का इस्तेमाल ईरान के अन्य वरिष्ठ अधिकारी कर रहे थे। यह अंडरग्राउंड नेटवर्क तेहरान की कई व्यस्त सड़कों के नीचे मकड़ी के जाले की तरह फैला हुआ था। इसमें कई गुप्त प्रवेश द्वार, संचार केंद्र और रणनीतिक मीटिंग रूम मौजूद थे। इजराइली सेना का मानना है कि इस बंकर के नष्ट होने से ईरान की सैन्य कमान और नियंत्रण क्षमता (Command and Control) को अपूरणीय क्षति पहुँची है।
इतने सटीक हमले को अंजाम देना बिना विस्तृत जानकारी के संभव नहीं था। इजराइली सेना ने बताया कि उनकी मिलिट्री इंटेलिजेंस ने वर्षों की मेहनत के बाद इस जगह का डिजिटल नक्शा और खाका तैयार किया था। इस काम में इजराइल की प्रसिद्ध ‘यूनिट 8200’ (सिग्नल इंटेलिजेंस) और ‘यूनिट 9900’ (जियो-विजुअल इंटेलिजेंस) ने मुख्य भूमिका निभाई। इन इकाइयों ने उपग्रह चित्रों और गुप्त सूचनाओं के जरिए बंकर की सटीक गहराई और कमजोर बिंदुओं की पहचान की, जिससे फाइटर जेट्स को सही टारगेट लॉक करने में मदद मिली।
मौजूदा संघर्ष के दौरान इजराइली सेना ने तेहरान स्थित नेतृत्व परिसरों पर कई बार प्रहार किए हैं। युद्ध की शुरुआत में ही IDF ने खामेनेई के निजी परिसर पर हमला कर उन्हें मार गिराने का दावा किया था। इसके अलावा, पास की एक अन्य इमारत पर हुए हमले में आठ शीर्ष ईरानी सैन्य अधिकारियों के मारे जाने की भी पुष्टि की गई है। हाल ही में मंगलवार को किए गए हमलों में इजराइल ने ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय और ‘सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद’ के मुख्यालय को भी निशाना बनाया, जिससे ईरानी शासन के भीतर भारी खलबली मची हुई है।
इजराइल की इस आक्रामक कार्रवाई ने मध्य पूर्व में पूर्ण युद्ध की आशंकाओं को और प्रबल कर दिया है। जहाँ एक ओर इजराइल इसे अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान की ओर से भी कड़े जवाबी हमले की धमकियां दी जा रही हैं। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि नेतृत्व परिसर और अंडरग्राउंड बंकरों का नष्ट होना ईरान के मनोबल के लिए एक बड़ी हार है, लेकिन इसके परिणाम आने वाले समय में पूरे क्षेत्र की भू-राजनीति को बदल सकते हैं।
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