सेहत-फिटनेस

Jamun in Summer : गर्मियों में संजीवनी बूटी से कम नहीं है जामुन, सेहत को मिलेंगे यह पांच बेमिसाल फायदे

Jamun in Summer : भारतीय बाजारों में चिलचिलाती गर्मियों का मौसम दस्तक देते ही कई तरह के मौसमी फल अपनी छटा बिखेरने लगते हैं। इन्हीं चुनिंदा और लोकप्रिय फलों में से एक है गहरे बैंगनी रंग का छोटा और रसीला जामुन। स्वाद के मामले में खट्टा-मीठा और हल्का सा कसैला लगने वाला यह फल केवल हमारी जीभ का जायका ही नहीं बदलता, बल्कि कड़कड़ाती धूप और गर्म हवाओं (लू) के बीच मानव शरीर को अंदरूनी रूप से पूरी तरह ठंडा, तरोताजा और निरोगी रखने का एक बेहद सुलभ व बेहतरीन प्राकृतिक जरिया भी है। प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति ‘आयुर्वेद’ में जामुन को महज एक फल न मानकर एक महाऔषधि का दर्जा दिया गया है। इसके नियमित और संतुलित सेवन से मानव शरीर को अनगिनत चमत्कारी फायदे होते हैं, जो हमें गर्मियों के सीजन में होने वाली कई गंभीर मौसमी और क्रोनिक बीमारियों से सुरक्षित रखते हैं।

डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं

आधुनिक जीवनशैली में मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित लोगों के लिए जामुन प्रकृति द्वारा दिया गया एक अनमोल और अचूक वरदान साबित होता है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, जामुन के भीतर ‘जंबोलिन’ () और ‘जंबोसिन’ नामक बेहद खास और सक्रिय औषधीय तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर में भोजन के पाचन के दौरान बनने वाले स्टार्च को हानिकारक शुगर (ग्लूकोज) में बदलने की गति को धीमा कर देते हैं, जिससे अचानक ब्लड शुगर का स्तर नहीं बढ़ता। आपको जानकर हैरानी होगी कि केवल जामुन का पल्प (फल) ही नहीं, बल्कि इसके सेवन के बाद बचने वाली जामुन की गुठली का सूखा पाउडर भी टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में फास्टिंग और पोस्ट-प्रैंडियल ब्लड शुगर लेवल को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में दुनिया की सबसे बेहतरीन प्राकृतिक दवाओं में से एक माना जाता है।

पाचन तंत्र को मिलेगी नई ताकत

गर्मियों के इस बेहद संवेदनशील मौसम में इंसानी शरीर की स्वाभाविक पाचन क्रिया अक्सर काफी सुस्त और कमजोर हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप आम लोगों को गैस, एसिडिटी, अपच, पेट फूलना और कब्ज जैसी कष्टकारी पेट की समस्याओं का बार-बार सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में जामुन का सेवन रामबाण की तरह काम करता है। जामुन के अंदर प्रचुर मात्रा में डाइटरी फाइबर और ‘कॉपर’ (तांबा) जैसे खनिज तत्व विद्यमान होते हैं, जो आंतों की कार्यप्रणाली को दुरुस्त करके पाचन तंत्र को लोहे जैसी मजबूती प्रदान करते हैं। यह फल पेट के आंतरिक हिस्से को बेहतरीन ठंडक पहुंचाता है और गर्मियों में होने वाले पेट के मरोड़, पेचिश या दस्त (डायरिया) की समस्या में प्राकृतिक औषधि के रूप में तुरंत राहत देने का काम करता है।

त्वचा को मिलेगा कुदरती निखार

तेज धूप के कारण गर्मियों में त्वचा का झुलसना और अपनी चमक खो देना एक बेहद आम समस्या है। जामुन में उच्च मात्रा में विटामिन C, विटामिन A और बेहद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स () मौजूद होते हैं। ये तत्व गर्मियों में सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों के दुष्प्रभावों और फ्री रेडिकल्स से हमारी नाजुक त्वचा की कोशिकाओं की रक्षा करते हैं। इसके अलावा, जामुन में कसैले गुण (एस्ट्रिंजेंट प्रॉपर्टीज) होते हैं, जो प्राकृतिक रूप से शरीर के भीतर मौजूद खून को गहराई से साफ और फिल्टर करते हैं। जब रक्त पूरी तरह शुद्ध हो जाता है, तो चेहरे पर निकलने वाले जिद्दी कील-मुंहासे, झाइयां, काले दाग-धब्बे और अत्यधिक ऑयल आने की समस्या जड़ से समाप्त हो जाती है, जिससे त्वचा को एक नेचुरल ग्लो और बेदाग निखार मिलता है।

दिल की सेहत की अचूक ढाल

हृदय (दिल) को लंबी उम्र तक स्वस्थ और सक्रिय रखने के लिए भी जामुन का सेवन बेहद लाभकारी और जरूरी माना गया है। जामुन के फल में सोडियम की मात्रा बहुत कम और महत्वपूर्ण खनिज ‘पोटैशियम’ () की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती है। पोटैशियम हमारे शरीर की रक्त वाहिकाओं (धमनियों) को आराम देता है, जिससे रक्त का संचार सुचारू रूप से होता है और हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) की गंभीर समस्या पूरी तरह से नियंत्रण में रहती है। जामुन के नियमित सेवन से धमनियों की दीवारें कठोर नहीं होतीं और उनमें हानिकारक कोलेस्ट्रॉल का जमाव रुक जाता है। इसके फलस्वरूप दिल का दौरा (हार्ट अटैक), कार्डियक अरेस्ट और ब्रेन स्ट्रोक जैसी जानलेवा कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

हीमोग्लोबिन के स्तर में होगी भारी बढ़ोतरी

भीषण गर्मी और अत्यधिक पसीना बहने के कारण अक्सर गर्मियों में मानव शरीर बहुत जल्दी थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी महसूस करने लगता है। जामुन में प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला प्राकृतिक ‘आयरन’ (लोहा) शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं () के निर्माण की गति को तेज करता है और हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से बढ़ाता है। इससे शरीर में खून की कमी यानी ‘एनीमिया’ की शिकायत हमेशा के लिए दूर हो जाती है और अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है। इसके साथ ही, जामुन में मौजूद विटामिन C और अन्य फाइटोकेमिकल्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को इतना मजबूत बना देते हैं कि गर्मियों में होने वाले विभिन्न प्रकार के वायरल इन्फेक्शन, सर्दी-खांसी और मौसमी बुखार शरीर को छू भी नहीं पाते।

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