Janhvi Kapoor Peddy Controversy : बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जाह्नवी कपूर और साउथ सुपरस्टार राम चरण की हालिया रिलीज फिल्म ‘पेड्डी’ (Peddi) इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़ रही है। सिनेमाघरों में दस्तक देते ही इस फिल्म ने पहले ही दिन 100 करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक कलेक्शन करके सबको चौंका दिया था। अब तक यह फिल्म घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार को मिलाकर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की बंपर कमाई कर चुकी है।

लेकिन इस शानदार व्यावसायिक सफलता के बीच, फिल्म में जाह्नवी कपूर के दृश्यों और उनके चरित्र चित्रण को लेकर सोशल मीडिया से लेकर समीक्षकों के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। फिल्म में महिलाओं को जिस तरह से पेश किया गया है, उसकी चौतरफा तीखी आलोचना हो रही है। इस विवाद के बढ़ने के बाद फिल्म के निर्देशक को सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगनी पड़ी थी। अब इस पूरे संवेदनशील मामले पर ‘आशिकी’ फिल्म से रातों-रात स्टार बनीं अनुभवी अभिनेत्री अनु अग्रवाल ने भी खुलकर अपनी राय रखी है।

अनु अग्रवाल का सोशल मीडिया पर बड़ा खुलासा
अभिनेत्री अनु अग्रवाल ने इस समसामयिक मुद्दे पर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक लंबा और बेहद विचारणीय पोस्ट साझा किया है। अपने दावों को मजबूती से पेश करने के लिए उन्होंने इसके साथ अपने पुराने दिनों की एक खास तस्वीर भी पोस्ट की है। स्क्रीन पर महिलाओं के सम्मानजनक और बेहतर प्रतिनिधित्व की मांग करने वाले आज के आधुनिक दर्शकों की जमकर सराहना करते हुए अनु ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सिनेमा में सार्थक बदलाव लाने के लिए केवल दर्शक ही नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण से जुड़े हर एक व्यक्ति की जवाबदेही बेहद जरूरी है।
उन्होंने लिखा, ‘फिल्म पेड्डी को लेकर हाल ही में समाज में जो चर्चाएं और विवाद शुरू हुए हैं, उसने मुझे बहुत साल पहले इंडस्ट्री में लिए गए मेरे एक कड़े फैसले की याद दिला दी है। मैं आज के जागरूक सिनेप्रेमियों की तारीफ करती हूं कि वे गलत के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रहे हैं और फिल्मों में महिलाओं के चित्रण में अधिक गरिमा व शालीनता की मांग कर रहे हैं।’
अभिनेताओं को भी लेनी होगी जिम्मेदारी
अपने इसी पोस्ट में अनु अग्रवाल ने जिम्मेदारी के दायरे को और व्यापक करते हुए लिखा, ‘सिनेमा को सुधारने की जिम्मेदारी सिर्फ फिल्मों को देखने वाले दर्शकों की नहीं है और न ही यह केवल फिल्म निर्माताओं (डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स) का कर्तव्य है। वास्तव में, यह जिम्मेदारी हम अभिनेताओं और अभिनेत्रियों की भी उतनी ही है, जो उन किरदारों को स्क्रीन पर जीवंत करते हैं।’
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने एक बड़ा खुलासा किया और कहा, ‘आज से लगभग 30 साल से भी पहले, जब मेरी फिल्म आशिकी सुपरहिट हुई थी, तब मैंने यह कड़ा नियम बना लिया था कि मैं कोई भी फिल्म साइन करने से पहले उसकी पूरी स्क्रिप्ट और कहानी अनिवार्य रूप से सुनूंगी। उस दौर में भी फिल्मों में महिलाओं का वस्तुकरण (ऑब्जेक्टिफिकेशन) एक बेहद आम बात थी। मैंने उस स्थापित चलन के खिलाफ जाने का फैसला किया। मेरे करियर की फिल्में इस बात की गवाह हैं। कई मायनों में, यही मुख्य वजह थी कि मैंने अंततः चकाचौंध भरी इस फिल्मी दुनिया से हमेशा के लिए दूरी बना ली।’
फिल्म के छोटे रोल में अश्लीलता का आरोप
आपको बता दें कि राम चरण के मुख्य अभिनय से सजी फिल्म ‘पेड्डी’ बीते 4 जून को देश भर के सिनेमाघरों में बड़े पैमाने पर रिलीज हुई थी। इस एक्शन-ड्रामा फिल्म में जाह्नवी कपूर के साथ-साथ ‘मिर्जापुर’ फेम दिव्येंदु शर्मा ने भी एक बेहद दमदार और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फिल्म की कहानी में राम चरण ने एक जांबाज स्पोर्ट्स एथलीट का किरदार निभाया है। फिल्म में जाह्नवी कपूर का स्क्रीन टाइम यानी रोल बहुत छोटा है, लेकिन उन्हें जिन दृश्यों में दिखाया गया है, दर्शकों के मुताबिक वे काफी आपत्तिजनक और अश्लील हैं।
बड़े पर्दे पर महिलाओं की बॉडी को केवल एक वस्तु के रूप में प्रदर्शित करने (ऑब्जेक्टिफाई करने) को लेकर जब फिल्म को चौतरफा आलोचना और गुस्से का सामना करना पड़ा, तो फिल्म के निर्देशक बुचि बाबु सना को बैकफुट पर आना पड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी कर दर्शकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगी और विवादित सीन्स को लेकर अपनी सफाई पेश की।
Read More : How to Become Loco Pilot : भारतीय रेलवे में लोको पायलट कैसे बनें, जानिए जरूरी योग्यता और पूरी चयन प्रक्रिया











