RB Choudary Death : मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ‘सुपर गुड फिल्म्स’ बैनर के संस्थापक और दिग्गज फिल्म निर्माता आरबी चौधरी का मंगलवार, 5 मई 2026 को एक भीषण सड़क हादसे में निधन हो गया। जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना राजस्थान के उदयपुर के पास दोपहर करीब तीन बजे हुई। हालांकि, हादसे के सटीक कारणों और वाहन में सवार अन्य लोगों की स्थिति के बारे में अभी विस्तृत विवरण आना बाकी है। इस खबर के सामने आते ही पूरे तमिल और दक्षिण भारतीय सिनेमा में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए चेन्नई ले जाया जा रहा है, जहाँ बुधवार को उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा।

आरबी चौधरी की विरासत: तमिल सिनेमा में ‘सुपर गुड फिल्म्स’ का दबदबा
आरबी चौधरी केवल एक निर्माता नहीं, बल्कि तमिल सिनेमा के एक स्तंभ थे। 1988 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले चौधरी ने ‘सुपर गुड फिल्म्स’ के माध्यम से फिल्म निर्माण की नई परिभाषा लिखी। उनके प्रोडक्शन हाउस ने दशकों तक एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। उन्होंने ‘पुधु वसंतम’ (1990) से अपनी पहचान बनाई, जिसने निर्देशक विक्रम को स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने केएस रविकुमार जैसे दिग्गजों को मौका दिया। ‘नट्टमई’, ‘पूवे उनाक्कागा’, ‘सूर्यवंशम’ और ‘आनंदम’ जैसी उनकी फिल्में आज भी दर्शकों के बीच कल्ट क्लासिक मानी जाती हैं।
निजी जीवन और परिवार: अभिनेता जीवा और जिथन रमेश के सिर से उठा पिता का साया
आरबी चौधरी का परिवार भी सिनेमा से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके पीछे उनकी पत्नी महजबीन और उनके दो बेटे, अभिनेता जीवा और जिथन रमेश हैं। उनके छोटे बेटे जीवा ने अपने पिता के ही बैनर तले ‘थिथिकुधे’ (2003) और ‘ई’ (2006) जैसी फिल्मों से अभिनय की दुनिया में बड़ा नाम कमाया। चौधरी ने न केवल अपने बेटों के करियर को संवारा, बल्कि उद्योग में एक मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाई। उनकी अचानक मृत्यु उनके परिवार के साथ-साथ उन सभी के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जो उन्हें अपना आदर्श मानते थे।
रजनीकांत और फिल्मी हस्तियों ने जताया शोक: “एक महान इंसान का जाना दुखद”
सिनेमा जगत की तमाम बड़ी हस्तियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सुपरस्टार रजनीकांत ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “मेरे प्रिय मित्र आरबी चौधरी एक बेहतरीन निर्माता और अद्भुत इंसान थे। उन्होंने अनगिनत युवाओं को मौका देकर उनके करियर बनाए। उनकी असमय मृत्यु ने मुझे गहरे सदमे में डाल दिया है।” एजीएस एंटरटेनमेंट की अर्चना कलपथी ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि वह एक महान निर्माता होने के साथ-साथ एक बहुत ही नेक इंसान थे। उनके जाने से एक युग का अंत हो गया है।
प्रतिभाओं के संरक्षक: दर्जनों निर्देशकों और कलाकारों को दिया पहला ब्रेक
आरबी चौधरी को फिल्म इंडस्ट्री में ‘गॉडफादर’ की तरह देखा जाता था। उन्होंने लिविंगस्टन, रासु मधुरवन और एस. एझिल जैसे कई निर्देशकों और कलाकारों को पहला अवसर दिया। उनकी हालिया फिल्मों में ‘जिला’ (2014) और ‘मारीसन’ (2025) जैसी बड़ी परियोजनाएं शामिल थीं। 1990 के दशक से लेकर 2026 तक, उन्होंने कभी भी अपनी गुणवत्ता से समझौता नहीं किया। उनके द्वारा स्थापित किए गए मानदंड आने वाली पीढ़ियों के फिल्म निर्माताओं के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
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