Jharkhand Protest : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच सोमवार को एक बार फिर बातचीत होने जा रही है। वार्ता से पहले आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। महतो पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और फिलहाल रांची के एक अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार बातचीत के जरिए छात्रों को संतुष्ट करने वाला समाधान निकालेगी।
सरकार से बेहतर शिक्षा व्यवस्था बनाने की अपील
अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार को वार्ता के दौरान ऐसी शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था तैयार करने पर सहमति बनानी चाहिए, जिससे भविष्य में विद्यार्थियों को अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन और संघर्ष न करना पड़े। उन्होंने कहा कि छात्रों को पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और पैरवी जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना चाहिए। उनके मुताबिक, व्यवस्था में स्थायी सुधार ही आंदोलन का वास्तविक समाधान हो सकता है।
पेपर लीक और धांधली पर जताई चिंता
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्रों की मुख्य चिंता केवल मौजूदा भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि आने वाली पीढ़ियों को भी अगर इसी तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ा तो स्थिति गंभीर बनी रहेगी। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार को ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए जिसमें योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी बाहरी दबाव के अपनी मेहनत का परिणाम मिल सके।
CBI जांच को लेकर भी उठाए सवाल
छात्र नेता ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि केवल सीबीआई जांच से आने वाली पीढ़ी को न्याय नहीं मिलेगा। उनके मुताबिक, जांच के साथ-साथ परीक्षा व्यवस्था में बुनियादी बदलाव जरूरी हैं, ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा सामने न आएं। उन्होंने साफ संकेत दिया कि यदि सरकार छात्रों की उम्मीदों के अनुरूप निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
सरकार ने छात्रों को फिर बातचीत के लिए बुलाया
झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों को सोमवार को दोबारा बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। यह निर्णय प्रदर्शन स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनुमंडल पदाधिकारी और अपर जिला मजिस्ट्रेट कानून-व्यवस्था की छात्रों के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया। सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहले ही छह दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन पाई है।
आंदोलनकारी छात्र मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र संगठन ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ ने सरकार के साथ बातचीत के नए प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। छात्रों ने राज्य अतिथि गृह में वार्ता के लिए जाने पर सहमति जताई है। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि बातचीत के लिए तैयार होने का मतलब अपनी मांगों से पीछे हटना नहीं है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
पिछली वार्ता में नहीं निकला था समाधान
इससे पहले नौ अगस्त को सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत का एक और दौर हुआ था, लेकिन उस बैठक में कोई समाधान नहीं निकल सका। छात्रों की मांगों और सरकार के रुख के बीच सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद आंदोलन जारी रहा और रविवार को प्रदर्शन अपने 23वें दिन में प्रवेश कर गया। अब सोमवार की वार्ता को दोनों पक्षों के बीच गतिरोध खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आज की वार्ता पर टिकी छात्रों की नजर
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार से उम्मीद जताई है कि वह बातचीत को केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखेगी। छात्रों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया पारदर्शी हो, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए। अब सभी की नजर सोमवार को होने वाली वार्ता पर है। सरकार अगर छात्रों को संतुष्ट करने वाला ठोस आश्वासन देती है, तो आंदोलन के आगे की दिशा पर महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है।
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