Bilaspur Student Protest : बिलासपुर जिले के मल्हार हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अपनी शिकायतों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर प्रदर्शन किया। छात्राएं करीब 30 किलोमीटर की दूरी तय करके अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखने पहुंची थीं। छात्राओं ने स्कूल में कथित मनमानी, फीस वसूली और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई।
DEO का घेराव कर कार्रवाई की मांग
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद छात्राओं ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का घेराव किया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। छात्राओं का कहना था कि उन्होंने इससे पहले भी अपनी शिकायतें संबंधित लोगों तक पहुंचाई थीं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें कलेक्ट्रेट आकर अपनी बात रखनी पड़ी।
स्कूल प्रबंधन पर मनमानी फीस लेने का आरोप
छात्राओं ने स्कूल प्रबंधन पर निर्धारित शुल्क के अलावा कथित तौर पर मनमाने तरीके से फीस वसूलने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि फीस को लेकर जब उन्होंने स्कूल प्रबंधन के सामने अपनी आपत्ति रखी, तब उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। छात्राओं ने पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
शिक्षक पर अभद्र व्यवहार का लगाया आरोप
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने स्कूल के एक शिक्षक पर कथित अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी लगाया। छात्राओं के मुताबिक, संबंधित शिक्षक के व्यवहार को लेकर शिकायत करने पर उन्हें कथित तौर पर FIR कराने की धमकी दिए जाने की बात कही गई। छात्राओं ने इस मामले में भी शिक्षा विभाग से जांच की मांग की है।
प्रिंसिपल पर गाली-गलौज के आरोप
छात्राओं ने स्कूल के प्रिंसिपल के व्यवहार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि प्रिंसिपल द्वारा छात्राओं के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। छात्राओं का कहना है कि स्कूल में इस तरह का माहौल होने से उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है और इसका असर पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।
सैनिटरी पैड के नाम पर पैसे लेने का दावा
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने सैनिटरी पैड से जुड़ी शिकायत भी अधिकारियों के सामने रखी। छात्राओं का आरोप है कि सैनिटरी पैड के नाम पर उनसे पैसे लिए जाते हैं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर कथित तौर पर एक्सपायर्ड सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने का भी आरोप लगाया। छात्राओं का दावा है कि कुछ सैनिटरी पैड बाहर दुकानों में भी बेचे जाते हैं।
कॉपियां बच्चों से चेक कराने का आरोप
छात्राओं ने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कुछ मौकों पर विद्यार्थियों से ही दूसरे बच्चों की कॉपियां चेक करवाई जाती हैं। इसके अलावा कुछ शिक्षकों पर कक्षा में पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन इस्तेमाल करने और स्कूल से अनुपस्थित रहने के आरोप भी लगाए गए हैं।
शिक्षकों पर भेदभाव के भी आरोप
छात्राओं ने कुछ शिक्षकों पर अधिक फीस लेने और विद्यार्थियों के साथ कथित भेदभाव करने के आरोप लगाए। एक महिला शिक्षक को लेकर भी शिकायत सामने आई। छात्रों का दावा है कि संबंधित शिक्षिका के स्कूल नहीं आने पर उनकी कक्षा में ताला लगा दिया जाता है। इन शिकायतों के कारण छात्राओं ने शिक्षा विभाग से पूरे मामले की जांच की मांग की।
DEO ने बनाई तीन सदस्यीय जांच कमेटी
छात्राओं की शिकायतों और प्रदर्शन के बाद DEO ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने की जानकारी दी है। कमेटी स्कूल से जुड़े विभिन्न आरोपों और शिकायतों की जांच करेगी। जांच के दौरान संबंधित पक्षों से जानकारी लेने और तथ्यों की पड़ताल किए जाने की बात कही गई है।
जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई का भरोसा
DEO ने छात्राओं को आश्वासन दिया है कि जांच के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता या शिकायत सही पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
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