Reservation Reform Movement : नई दिल्ली में गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और आरक्षण में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह मुलाकात 21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद हुई। दोनों पक्षों ने बातचीत को सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक बताया। बैठक के बाद यह तय किया गया कि आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अगली चर्चा 7 सितंबर को होगी।
जेपी नड्डा ने बातचीत को बताया सौहार्दपूर्ण
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 21 अगस्त के जंतर-मंतर आंदोलन के बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हर्ष दुबे, रण बहादुर सिंह चौहान और मृत्युंजय पाठक समेत टीम के सदस्यों के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों पक्ष जल्द ही दोबारा मुलाकात करेंगे।
प्रतिनिधियों ने संवाद को बताया महत्वपूर्ण कदम
हर्ष दुबे ने भी बैठक के बाद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने जेपी नड्डा से मुलाकात की और 21 अगस्त को आयोजित प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा हुई। उनके मुताबिक यह बैठक संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। टीम का प्रयास है कि आगे की बातचीत के जरिए सर्व समाज के हित में सकारात्मक और न्यायसंगत समाधान निकाला जाए।
आंदोलन का उद्देश्य समान अवसर और न्याय
हर्ष दुबे ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग के खिलाफ आवाज उठाना नहीं है। उनका कहना है कि टीम समान अवसर, न्यायपूर्ण व्यवस्था और राष्ट्रहित में जरूरी सुधारों की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि अपनी बात लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के सामने रखना ही आंदोलन का मुख्य उद्देश्य है। आगे की बातचीत और निर्णयों की जानकारी आधिकारिक रूप से साझा करने की बात भी कही गई।
जरूरतमंद लोगों को आरक्षण मिलने की मांग
जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद हर्ष दुबे, रण बहादुर सिंह चौहान और मृत्युंजय पाठक ने मीडिया से भी बातचीत की। प्रतिनिधियों ने कहा कि 21 अगस्त के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शन के बाद उन्हें केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत कराने का भरोसा दिया गया था। प्रतिनिधियों के अनुसार, दो दिनों तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और आरक्षण में सुधार का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया।
आरक्षण खत्म करने की मांग से किया इनकार
आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी ओर से कभी भी आरक्षण व्यवस्था समाप्त करने की मांग नहीं की गई। उनका जोर केवल आरक्षण में सुधार पर है। उनका कहना है कि समाज में जिस व्यक्ति या वर्ग को वास्तव में आवश्यकता है, उसे आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। प्रतिनिधियों ने लोगों से बातचीत की प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील की और कहा कि अब अगली बैठक 7 सितंबर को प्रस्तावित है।
आंदोलन को बताया सामूहिक मांगों की आवाज
प्रतिनिधियों ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का आंदोलन नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों की मांगों से जुड़ा अभियान है, जो 21 अगस्त को सड़कों पर उतरे थे। उनका कहना है कि बैठक में भी उन्हीं मुद्दों को सरकार के सामने रखा गया, जिन्हें लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया था। अब आंदोलनकारी सकारात्मक बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं।
21 अगस्त को जंतर-मंतर पर हुआ था प्रदर्शन
आरक्षण सुधार की मांग को लेकर 21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। प्रदर्शन के बाद इस मुद्दे पर सरकार और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का रास्ता खुला। इसके अगले दिन, 22 अगस्त को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने हर्ष दुबे समेत प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी।
केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत का मिला था भरोसा
22 अगस्त की मुलाकात के दौरान प्रतिनिधियों को केंद्रीय मंत्रियों से बातचीत कराने का आश्वासन दिया गया था। इसी क्रम में गुरुवार को जेपी नड्डा के साथ बैठक हुई। अब दोनों पक्षों की नजर 7 सितंबर को होने वाली अगली बातचीत पर है। प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि चर्चा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी और आरक्षण व्यवस्था में सुधार से जुड़े मुद्दों पर कोई न्यायसंगत रास्ता निकलेगा।
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