Kanker Encounter: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अबुझमाड़ इलाके में रविवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच एक बार फिर जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस भीषण संघर्ष में सुरक्षा बलों ने 3 नक्सलियों को मार गिराया है और उनके शव भी बरामद कर लिए गए हैं। कांकेर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कल्याण एलिसेला ने इस मुठभेड़ और नक्सलियों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है।

सर्चिंग अभियान के दौरान मुठभेड़ की शुरुआत
जानकारी के अनुसार, कांकेर, धमतरी और ओडिशा की सीमा से लगे छिंदखड़क पहाड़ी-जंगल इलाके में रविवार सुबह सुरक्षाबल सर्चिंग अभियान पर निकले थे। इसी दौरान नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर जवानों ने इलाके को पूरी तरह घेर लिया। तभी नक्सलियों ने घात लगाकर जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों तरफ से कई घंटे तक रुक-रुककर गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 3 नक्सलियों को मार गिराया है।

सर्चिंग अभियान अभी भी जारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में सर्चिंग अभियान अभी भी जारी है और संभावना जताई जा रही है कि जंगल में और भी कई नक्सली छिपे हो सकते हैं। ऐसे में मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
हाल ही में बड़ी सफलता, एक करोड़ के इनामी नक्सली कोसा ढेर
इस मुठभेड़ से पहले 22 सितंबर को भी सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली थी। उस समय हुए ऑपरेशन में एक करोड़ रुपए का इनामी नक्सली कादरी सत्यनारायण उर्फ कोसा मारा गया था। कोसा न केवल एक आम नक्सली था, बल्कि माओवादी सेन्ट्रल कमेटी का सदस्य और सचिव पद का संभावित दावेदार माना जा रहा था। उसकी मौत सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता साबित हुई।
2025 में अब तक 248 नक्सली ढेर
आंकड़ों की बात करें तो 2025 में अब तक छत्तीसगढ़ में कुल 248 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 219 नक्सली बस्तर संभाग में मारे गए हैं, जिसमें नारायणपुर समेत सात जिले शामिल हैं। वहीं रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले में 27 नक्सलियों को ढेर किया गया है, जबकि दुर्ग संभाग के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में भी दो नक्सली मुठभेड़ में मारे गए।
सुरक्षा बलों के मनोबल में वृद्धि
लगातार हो रही मुठभेड़ों और नक्सलियों के मारे जाने से सुरक्षा बलों का मनोबल काफी बढ़ा है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों की कम होती ताकत और क्षेत्र में सुरक्षा बलों का बढ़ता दबदबा इस बात का प्रमाण है कि बस्तर समेत अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थिति नियंत्रण में आ रही है।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके अबुझमाड़ में हुई यह मुठभेड़ सुरक्षा बलों की लड़ाई में एक और महत्वपूर्ण कदम है। लगातार हो रही सफलताओं से नक्सलवाद के खिलाफ जारी अभियान को नई ऊर्जा मिली है। प्रदेश सरकार और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को पूरी तरह से मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आगामी समय में भी ऐसी कार्रवाईयों से नक्सल समस्या को कम करने की उम्मीद जताई जा रही है।











