Kanker Encounter
Kanker Encounter: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत कांकेर जिले से सुरक्षाबलों की एक बड़ी कामयाबी की खबर सामने आई है। छोटेबेठिया इलाके के घने जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई जबरदस्त मुठभेड़ में एक खूंखार महिला नक्सली को मार गिराया गया है। मृत नक्सली की पहचान वांटेड एरिया कमेटी मेंबर (ACM) रूपी रेड्डी के रूप में हुई है। रूपी रेड्डी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर थी और क्षेत्र में कई बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम देने में उसका हाथ था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ तब शुरू हुई जब सुरक्षाबल इलाके में गश्त पर थे और नक्सलियों ने उन पर घात लगाकर हमला कर दिया।
रूपी रेड्डी बस्तर क्षेत्र में सक्रिय प्रमुख नक्सली कैडरों में से एक मानी जाती थी। पिछले कुछ समय में बस्तर में बड़े नक्सली नेताओं के मारे जाने या आत्मसमर्पण करने के बाद, रूपी ही संगठन को इस इलाके में संभाले हुए थी। पुलिस की ओर से उसे कई बार मुख्यधारा में लौटने और सरेंडर करने के लिए प्रेरित किया गया था, लेकिन वह लगातार हिंसक गतिविधियों में शामिल रही। उसकी मौत को उत्तर बस्तर में नक्सली संगठन के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह नई भर्तियों और रणनीतियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी।
कांकेर के पुलिस अधीक्षक (SP) निखिल राखेचा ने इस मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि खुफिया जानकारी मिली थी कि जंगल में नक्सलियों की एक टोली छिपी हुई है। इसके बाद जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नक्सलियों की ओर से अचानक हुई फायरिंग का जवानों ने डटकर मुकाबला किया और जवाबी कार्रवाई में रूपी रेड्डी को ढेर कर दिया। मुठभेड़ के बाद मौके से उसका शव और हथियार बरामद किए गए हैं। वर्तमान में सुरक्षाबल जंगल के चप्पे-चप्पे की तलाशी ले रहे हैं ताकि अन्य छिपे हुए नक्सलियों को पकड़ा जा सके।
रूपी रेड्डी का नक्सली इतिहास काफी गहरा रहा है। वह खूंखार स्टेट कमेटी मेंबर (SCM) विजय रेड्डी की पत्नी थी। विजय रेड्डी को पहले ही राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-चौकी जिले में हुई एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। पति की मौत के बाद रूपी ने कमान संभाली थी। बताया जाता है कि वह उत्तर बस्तर में नक्सलियों के बीच काफी प्रभावशाली थी और अन्य निचले कैडर के नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने से रोक रही थी। वह उन्हें डरा-धमकाकर संगठन में बनाए रखने का काम कर रही थी।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सरकार का अभियान अब अपने निर्णायक दौर में है। 31 मार्च की डेडलाइन के दौरान बीजापुर में 25 नक्सलियों ने एक साथ हथियार डाले थे। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने 14 करोड़ रुपये का नक्सली डंप बरामद किया, जिसमें 3 करोड़ नकद और 7 किलो सोना शामिल था। यह नक्सलियों की आर्थिक कमर तोड़ने वाली अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है। दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर जैसे जिलों में भी नक्सली लगातार मुख्यधारा में लौट रहे हैं, जिससे दंतेवाड़ा को अब लगभग नक्सल मुक्त घोषित किया जा चुका है।
केंद्र सरकार द्वारा तय की गई 31 मार्च 2026 की समयसीमा के अंत में संसद में नक्सलवाद पर विस्तृत चर्चा हुई। गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का जो संकल्प लिया था, उसे लगभग पूरा कर लिया गया है। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि नक्सली हिंसा में ऐतिहासिक गिरावट आई है और अब देश का अधिकांश हिस्सा इस खतरे से सुरक्षित है। कांकेर की यह ताजा मुठभेड़ दर्शाती है कि जो इक्का-दुक्का नक्सली अभी भी सक्रिय हैं, सुरक्षाबल उनके खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रहे हैं।
Read More; CG Weather Alert: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, इन जिलों में लू चलने की चेतावनी, पारा 42°C पार!
GT vs KKR : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का 25वां मुकाबला अहमदाबाद के भव्य…
Trump vs NATO: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा है…
Women Reservation Bill : संसद के विशेष सत्र का दूसरा शुक्रवार भारतीय संसदीय इतिहास में…
Women Reservation Bill : लोकसभा में शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 की शाम भारतीय संसदीय इतिहास…
Women Reservation Bill : भारतीय संसदीय इतिहास में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला…
Unnao Suicide Case : उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक दिल दहला देने वाली…
This website uses cookies.