Kashmir News : उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का लंगेट बाजार इन दिनों एक खास चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहाँ मुख्य बाजार के बीचों-बीच ‘टेस्ट एंड ट्रीट्स’ नाम का एक रेस्टोरेंट लोगों के आकर्षण का विषय है। आधुनिक सजावट और बेहतरीन रोशनी से लैस इस रेस्टोरेंट की कमान 29 वर्षीय आकाश धर के हाथों में है। आकाश दृष्टिबाधित हैं, लेकिन उनका हौसला किसी भी पूर्ण सक्षम व्यक्ति से कहीं अधिक है। दो सप्ताह पहले शुरू किए गए इस रेस्टोरेंट को लेकर आकाश को स्थानीय लोगों से जिस तरह का अभूतपूर्व समर्थन और प्यार मिला है, वह बेहद भावुक कर देने वाला है। वे बताते हैं कि उन्हें उम्मीद से कहीं बेहतर प्रतिक्रिया मिल रही है, जो उनके सपनों को नई उड़ान दे रही है।

जड़ों की ओर वापसी: तीन दशक के संघर्ष के बाद घर वापसी
आकाश धर का जीवन संघर्ष और दृढ़ संकल्प की एक लंबी दास्तान है। उनका कश्मीरी पंडित परिवार 1990 के दशक के दौरान घाटी में बढ़ी हिंसा के चलते पलायन कर जम्मू जाकर बस गया था। आकाश का जन्म और पालन-पोषण जम्मू की एक प्रवासी कॉलोनी में हुआ। बचपन में ही उन्हें ‘रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा’ नामक एक जेनेटिक बीमारी ने घेर लिया, जिसके कारण धीरे-धीरे उनकी दृष्टि पूरी तरह चली गई। हालांकि, शारीरिक चुनौती उनके सपनों के आड़े नहीं आई। उन्होंने जम्मू विश्वविद्यालय से स्नातक किया और दिल्ली से कंप्यूटर कोर्स का ज्ञान प्राप्त किया। सिविल सेवा की परीक्षाओं में असफल रहने के बाद, लंगेट आकर अपना बिजनेस शुरू करने का निर्णय उनके जीवन का एक अहम और साहसी मोड़ साबित हुआ।

खेल से लेकर बिजनेस तक: बहुआयामी प्रतिभा के धनी आकाश
आकाश की प्रतिभा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है। वे एक कुशल क्रिकेटर भी रहे हैं और 2022 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर की ब्लाइंड क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर अपनी खेल क्षमता का लोहा मनवाया है। उनकी छोटी बहन भी उसी बीमारी से जूझ रही है, लेकिन वे दोनों अपनी पढ़ाई और जीवन को लेकर बेहद सकारात्मक हैं। आकाश के इस नेक काम में स्थानीय लोगों ने भी दिल खोलकर सहयोग दिया है। उनके मकान मालिक, बशीर अहमद बेग, उनसे कोई किराया नहीं लेते, जो कश्मीरियत की एक अद्भुत मिसाल है। यह सहयोग आकाश को अपनी नई पहचान बनाने में बड़ी ताकत दे रहा है।
सौहार्द का केंद्र बना ‘टेस्ट एंड ट्रीट्स’: स्थानीय लोगों की सराहना
‘टेस्ट एंड ट्रीट्स’ केवल एक रेस्टोरेंट नहीं, बल्कि सामुदायिक सौहार्द का केंद्र बन गया है। यहाँ का प्रबंधन संभाल रहे इरफान अहमद लोन बताते हैं कि उनके पास गांदरबल और श्रीनगर सहित दूर-दराज के इलाकों से मेहमान आ रहे हैं। सबसे सुखद बात यह है कि यहाँ आने वाले ग्राहकों में मुसलमान और कश्मीरी पंडित दोनों शामिल हैं। स्थानीय मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष लतीफ अहमद गनाई का मानना है कि आकाश की यह पहल पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। वे कहते हैं कि इस रेस्टोरेंट की सफलता न केवल आकाश की जीत है, बल्कि यह अन्य कश्मीरी प्रवासियों को भी वापस लौटने और अपने घर में नई शुरुआत करने का एक मजबूत हौसला प्रदान करेगी।
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