Priyanka Gandhi Kerala
Priyanka Gandhi Kerala : केरल के कन्नूर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने राज्य की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि माकपा आगामी 9 अप्रैल के चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गुप्त समझौता कर रही है। प्रियंका ने कहा कि वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) ने पिछले 10 वर्षों तक सत्ता का सुख भोगने के लिए अपनी विचारधारा, राजनीतिक जवाबदेही और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का पूरी तरह से परित्याग कर दिया है। उनके अनुसार, यह गठबंधन केवल सत्ता बचाए रखने के लिए अपने सिद्धांतों से समझौता कर रहा है।
प्रियंका गांधी ने दावा किया कि LDF ने उस भाजपा के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया है, जिसकी नीतियां अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से ईसाई समुदाय के हितों के खिलाफ रही हैं। उन्होंने चर्च और ननों के उत्पीड़न का जिक्र करते हुए कहा कि वामपंथी दल उन ताकतों के साथ खड़े हो गए हैं जो समाज के कमजोर वर्गों को परेशान करती हैं। प्रियंका ने सवाल उठाया कि जो पार्टी खुद को धर्मनिरपेक्षता की रक्षक बताती थी, वह आज केवल चुनावी लाभ के लिए अपने कट्टर विरोधियों के साथ कैसे मिल सकती है? उन्होंने इसे केरल की महान राजनीतिक परंपरा और विचारधारा के साथ एक बड़ा धोखा करार दिया।
भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने सबरीमाला मंदिर का मुद्दा उठाकर केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सबरीमाला में बड़ी चोरी की घटनाएं सामने आने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर एक भी शब्द नहीं बोला। प्रियंका ने इसे माकपा और भाजपा के बीच हुई ‘डील’ के पुख्ता सबूत के तौर पर पेश किया। उन्होंने तर्क दिया कि जब भी देश में कोई नेता प्रधानमंत्री या केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसके पीछे तत्काल सीबीआई (CBI), ईडी (ED) या आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियां लगा दी जाती हैं, लेकिन केरल में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आती है।
कांग्रेस सांसद ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को जेल भेजने वाली केंद्रीय एजेंसियां केरल के मुख्यमंत्री के खिलाफ पूरी तरह खामोश हैं। उन्होंने दावा किया कि विजयन के खिलाफ एक भी ऐसा मामला दर्ज नहीं किया गया है जो उन्हें संकट में डाल सके। प्रियंका ने इसे रहस्यमयी बताते हुए कहा कि यह खामोशी ही भाजपा और माकपा के बीच के आंतरिक तालमेल को उजागर करती है। उनके अनुसार, जहां पूरे देश में विपक्ष पर सरकारी तंत्र का डंडा चल रहा है, वहीं केरल सरकार को केंद्र की ओर से मिली यह ‘राहत’ कई सवाल खड़े करती है।
अंत में, प्रियंका गांधी ने एलडीएफ सरकार के मंत्रियों और नेताओं की कार्यशैली की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सत्ता में रहने के कारण माकपा के नेताओं में भारी घमंड आ गया है। प्रियंका ने कहा, “आज केरल के मंत्रियों में जनता के प्रति वह संवेदनशीलता और जवाबदेही नहीं बची है जो एक लोकतंत्र में होनी चाहिए।” उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में न केवल विचारधारा गायब हो गई है, बल्कि विकास और पारदर्शी शासन के वादे भी कागजों तक सिमट कर रह गए हैं। उन्होंने केरल की जनता से अपील की कि वे इस ‘अपवित्र गठबंधन’ को पहचानें और आगामी चुनाव में सही निर्णय लें।
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