Ketan Agrawal Murder Case : बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में पुणे पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। एबीपी न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या सिया और चेतन ने गुपचुप तरीके से वर्ष 2025 में शादी कर ली थी, और क्या यही उनके आपसी संबंधों का मुख्य आधार बना। सूत्रों का दावा है कि पुलिस को आरोपियों की शादी से जुड़ी कुछ तस्वीरें मिली हैं, जिनकी प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। इस दिशा में पुणे ग्रामीण पुलिस की एक विशेष टीम राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर भी पहुंची है, ताकि वहां के सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों के जरिए इन दावों की पुष्टि की जा सके।

स्लो पॉइजन से कॉन्ट्रैक्ट किलिंग तक की साजिश
जांच में यह तथ्य उभरकर सामने आया है कि सिया और चेतन ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए एक सोची-समझी योजना बनाई थी। पुलिस के मुताबिक, मई 2025 में शादी तय होने के बाद ही इन्होंने केतन की हत्या की साजिश रचना शुरू कर दिया था। शुरुआत में आरोपियों ने केतन को ‘स्लो पॉइजन’ (धीमा जहर) देकर मारने या उसे जीवन भर के लिए अपाहिज बनाने का प्रयास किया था, लेकिन विष की उपलब्धता न होने के कारण वे इसमें सफल नहीं हो सके। इसके बाद, उन्होंने एक पेशेवर कॉन्ट्रैक्ट किलर को सुपारी देने का प्रयास भी किया। हालांकि, वह व्यक्ति बाद में डरकर पीछे हट गया और अब वही इस हत्याकांड में पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण गवाह बन गया है। पुलिस ने उस होटल का सीसीटीवी फुटेज भी हासिल कर लिया है, जहां आरोपियों ने कथित तौर पर कॉन्ट्रैक्ट किलर से मुलाकात की थी।

लोहागढ़ फोर्ट: आत्महत्या या सोची-समझी हत्या?
केतन हत्याकांड की जांच ने अब लोहागढ़ फोर्ट में हुई एक पुरानी घटना की परतें भी खोल दी हैं। पुलिस को शक है कि सिया को केतन को मारने का विचार उसी जगह हुई एक 21 वर्षीय लॉ छात्रा की संदिग्ध आत्महत्या से मिला था। 18 मार्च 2025 को उसी स्थान पर छात्रा की मौत हुई थी, जिसे देखकर आरोपियों ने केतन को वहां ले जाकर मारने की योजना बनाई। केतन के ट्रैकिंग के शौक का फायदा उठाकर वे उसे वहां ले गए, क्योंकि वहां सीसीटीवी का अभाव और भीड़ की कमी थी। अब पुलिस एक साल पुरानी उस छात्रा की मौत के मामले की भी नए सिरे से जांच कर रही है, क्योंकि इसे भी हत्या का मामला माना जा रहा है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए देखी थी जैपनीज़ वीडियो तकनीक
आरोपियों की चालाकी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ से निपटने के लिए भी होमवर्क किया था। जांच के दौरान सिया और चेतन की वेब हिस्ट्री से दो घंटे लंबे कुछ ‘जैपनीज़ वीडियो’ के लिंक बरामद हुए हैं। इन वीडियो में यह सिखाया गया था कि पुलिस हिरासत में किस प्रकार शांत रहकर और मानसिक संतुलन बनाए रखकर पूछताछ का सामना किया जाए। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों को उनके खिलाफ एक पुख्ता सबूत के तौर पर इस्तेमाल कर रही है, जो यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि यह हत्या केवल आवेश में नहीं, बल्कि बेहद ठंडे दिमाग से रची गई साजिश थी।
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