Khaleda Zia Death
Khaleda Zia Death: बांग्लादेश की राजनीति के एक युग का अंत हो गया है। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया का 80 वर्ष की आयु में ढाका के एवरकेयर अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थीं और उन्होंने मंगलवार सुबह करीब 6 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे बांग्लादेश में शोक की लहर दौड़ गई है। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार और नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें देश की लोकतांत्रिक यात्रा की एक “महान संरक्षक” करार दिया है।
मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने अपने शोक संदेश में खालिदा जिया के राजनीतिक जीवन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जिया ने न केवल एक राजनीतिक दल का नेतृत्व किया, बल्कि वे बांग्लादेश के इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय का प्रतिनिधित्व करती थीं। यूनुस के अनुसार, जिया ने एच.एम. एर्शद के नौ साल लंबे तानाशाही शासन को उखाड़ फेंकने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। उन्होंने 1991 में सत्ता संभालने के बाद देश की अर्थव्यवस्था के उदारीकरण की नींव रखी, जिससे बांग्लादेश विकास की राह पर आगे बढ़ सका। यूनुस ने उन्हें बहुदलीय राजनीतिक संस्कृति को पोषित करने वाली एक अडिग नेता बताया।
अपने शोक संदेश में मुहम्मद यूनुस ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने हसीना के कार्यकाल को “फासीवादी शासन” करार देते हुए कहा कि खालिदा जिया उस समय संघर्ष और प्रतिरोध का सबसे बड़ा प्रतीक बनकर उभरी थीं। यूनुस ने आरोप लगाया कि जिया अपनी राजनीतिक सफलता के कारण हसीना सरकार के “अत्यधिक राजनीतिक प्रतिशोध” की शिकार बनीं। उन्होंने कहा कि जिया को “झूठे और गढ़े गए मामलों” में फंसाकर 17 साल की सजा सुनाई गई और उन्हें लंबी अवधि तक कैद में रहना पड़ा। यूनुस ने इसे राष्ट्र के लिए एक अपूर्णीय क्षति बताया और लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की।
देश छोड़कर जा चुकीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी खालिदा जिया के निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। हसीना ने अपने बयान में कहा कि बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में जिया का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने जिया की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके पुत्र तारिक रहमान व बीएनपी परिवार के प्रति अपनी हार्दिक सहानुभूति प्रकट की। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद हसीना ने स्वीकार किया कि जिया का निधन बांग्लादेशी राजनीति और बीएनपी के नेतृत्व के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है।
खालिदा जिया के निधन के बाद अब सबकी निगाहें बीएनपी के भविष्य पर टिकी हैं। उनके पुत्र तारिक रहमान वर्तमान में पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन जिया का व्यक्तित्व पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रेरणास्रोत था। यूनुस सरकार ने उनके सम्मान में राजकीय शोक और उचित सम्मान सुनिश्चित करने का वादा किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिया के जाने से पैदा हुआ खालीपन बांग्लादेश की भविष्य की चुनावी राजनीति को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, ढाका की सड़कों पर हजारों समर्थक अपनी प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ रहे हैं।
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