Education System : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों के दौरान सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया है। खरगे ने कहा कि इसका सीधा असर देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षा के मौजूदा हालात को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो भी साझा किया।
‘शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया’
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान में कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 12 वर्षों में देश की शिक्षा व्यवस्था को पंगु बना दिया है। उनके मुताबिक, शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किए जाने का असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
कांग्रेस ने सरकारी स्कूलों को लेकर किया दावा
खरगे की ओर से जारी किए गए वीडियो में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर कई दावे किए गए हैं। वीडियो में दावा किया गया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में रोजाना करीब 25 सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं। साथ ही इसमें कहा गया है कि देश के कुल स्कूलों में सरकारी स्कूलों की हिस्सेदारी भी घटकर 49 प्रतिशत रह गई है, जो पहले 71 प्रतिशत बताई गई थी।
बुनियादी सुविधाओं की कमी का आरोप
कांग्रेस द्वारा साझा किए गए वीडियो में हजारों सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी होने का भी दावा किया गया है। वीडियो के अनुसार, कई सरकारी विद्यालयों में छात्रों के लिए आवश्यक संसाधन और सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। कांग्रेस ने इन दावों के आधार पर केंद्र सरकार की शिक्षा नीति और सरकारी स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
शिक्षा पर बजट को लेकर भी सवाल
वीडियो में शिक्षा पर सरकारी खर्च को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा गया है। इसमें दावा किया गया कि भाजपा ने सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP का छह प्रतिशत शिक्षा के क्षेत्र में खर्च करने का वादा किया था, लेकिन वास्तविक खर्च करीब 4.1 प्रतिशत बताया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि शिक्षा के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है।
पेपर लीक के मुद्दे पर भी हमला
कांग्रेस के वीडियो में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक को लेकर भी सरकार को घेरा गया। इसमें दावा किया गया है कि वर्ष 2014 के बाद से देश में 152 परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। कांग्रेस ने इसे छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है। हालांकि, ये आंकड़े कांग्रेस द्वारा जारी वीडियो में किए गए दावे हैं।
राहुल गांधी ने भी शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
शिक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी शनिवार को अपनी प्रतिक्रिया दी। शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश की शिक्षा व्यवस्था कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि देश में ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिसमें हर छात्र को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर मिल सके।
शिक्षक दिवस पर डॉ. राधाकृष्णन को किया याद
राहुल गांधी ने शिक्षक दिवस के मौके पर पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने देशभर के शिक्षकों को भी शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान, सेवा और समर्पण के जरिए छात्रों के भविष्य को आकार देते हैं और आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
राहुल गांधी ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था आज कई गंभीर सवालों के सामने खड़ी है। उनके मुताबिक, अब ऐसी व्यवस्था तैयार करने की आवश्यकता है, जिसमें किसी भी छात्र को अवसरों की कमी के कारण पीछे न रहना पड़े। उन्होंने समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य को शिक्षा व्यवस्था के प्रमुख लक्ष्य के रूप में सामने रखा।
शिक्षा को लेकर बढ़ा राजनीतिक विमर्श
खरगे और राहुल गांधी के बयानों के बाद शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है। कांग्रेस ने सरकारी स्कूलों, शिक्षा बजट और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, शिक्षक दिवस के मौके पर राहुल गांधी ने छात्रों के लिए समान अवसर और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया। अब इन मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस आगे और तेज होने की संभावना है।
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