Chhatron Ki Goonj: तेलंगाना की राजनीति में छात्रों के मुद्दे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के बेटे केटी रामा राव (KTR) ने शनिवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को तेलंगाना आने की चुनौती दी। करीमनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए KTR ने कहा कि अगर राहुल गांधी वास्तव में छात्रों की समस्याओं को समझना चाहते हैं, तो उन्हें राज्य का दौरा करना चाहिए।
छात्रों की आवाज सुनने की KTR की अपील
KTR ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या उन्हें तेलंगाना के छात्रों की आवाज और उनका आक्रोश सुनाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के छात्रों में काफी नाराजगी है और कांग्रेस नेतृत्व को जमीनी हालात को समझने की जरूरत है। KTR ने राहुल गांधी को तेलंगाना आने का न्योता देते हुए कहा कि उनका स्वागत किया जाएगा और उन्हें छात्रों से सीधे बातचीत करनी चाहिए।
रेवंत रेड्डी सरकार पर साधा निशाना
BRS नेता ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार पर भी तीखा हमला बोला। KTR ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने राज्य में काफी नुकसान किया है और राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि तेलंगाना में वास्तव में क्या चल रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि क्या उसे छात्रों के बीच बढ़ रहे असंतोष का अंदाजा नहीं है।
बिरयानी और चाय वाले बयान से सियासत गरम
अपने संबोधन के दौरान KTR ने राहुल गांधी को तेलंगाना आने पर स्थानीय अंदाज में स्वागत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आएं, उन्हें बिरयानी खिलाई जाएगी और चाय-बिस्कुट से खातिरदारी की जाएगी। हालांकि, उनके इस बयान का मुख्य संदेश राजनीतिक था। KTR चाहते हैं कि राहुल गांधी राज्य में आकर छात्रों से बातचीत करें और उनकी समस्याओं को सीधे सुनें।
कांग्रेस के छात्र अभियान पर BRS का हमला
दरअसल, KTR का यह हमला कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में सामने आया है। यह पहल राहुल गांधी द्वारा शुरू किया गया राष्ट्रव्यापी छात्र और युवा संवाद अभियान है। कांग्रेस इसके जरिए देशभर के छात्रों और युवा मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। पार्टी की नजर आने वाले विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2029 के लोकसभा चुनाव पर भी है।
राहुल गांधी ने कोटा से शुरू किया अभियान
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की शुरुआत राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा में की थी। कोटा देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल है और बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र यहां रहते हैं। अभियान की शुरुआत के बाद कांग्रेस ने युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श में प्रमुखता देने की कोशिश की है।
कई शहरों में हो चुके हैं कार्यक्रम
कोटा के बाद ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का आयोजन देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी किया गया। इन कार्यक्रमों के जरिए छात्रों से संवाद करने और उनकी शिक्षा, रोजगार तथा भविष्य से जुड़ी चिंताओं को सामने लाने की कोशिश की गई। कांग्रेस का यह अभियान धीरे-धीरे अलग-अलग राज्यों और शहरों तक विस्तार ले रहा है।
इंदौर में अगला सत्र प्रस्तावित
अब इस अभियान का अगला सत्र 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित किया जाना है। ऐसे समय में KTR की ओर से राहुल गांधी को तेलंगाना आने की चुनौती देना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BRS लगातार कांग्रेस सरकार के कामकाज और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाती रही है।
छात्रों के मुद्दे पर आमने-सामने विपक्षी दल
तेलंगाना में छात्रों और युवाओं के मुद्दे पर कांग्रेस और BRS के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ता दिख रहा है। KTR का कहना है कि राहुल गांधी को राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों से संवाद करने के साथ तेलंगाना के युवाओं की समस्याएं भी सुननी चाहिए। अब देखना होगा कि राहुल गांधी KTR की चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या वह तेलंगाना में छात्रों के साथ संवाद का कार्यक्रम बनाते हैं।
Read More : Patna University Bomb Blast: टीचर्स डे पर यूनिवर्सिटी में बम धमाका, फॉरेंसिक टीम ने शुरू की जांच